Phone tapping case: कांग्रेस नेता जोशी ने केंद्रीय मंत्री शेखावत को क्यों कहा भगोड़ा, जानिए पूरा विवाद

कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भगोड़ा कहा है.

Shekhavat Vs Joshi : महेश जोशी ने कहा कि गजेंद्र सिंह शेखावत को दिल्ली पुलिस का संरक्षण लेने की बजाय राजस्थान पुलिस का सामना करना चाहिए. बता दें कि ही सबसे पहले पिछले साल जुलाई में राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो में फोन टेपिंग का केस दर्ज कराया था.

  • Share this:
जयपुर. साल 2020 में सियासी संकट के दौरान राजस्थान की सियासत में भूचाल लाने वाला फोन टैपिंग विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. इस मामले में कांग्रेस के मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का नोटिस मिलने के बाद सियासी वार-पलटवार तेज हो गए हैं. मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें भगौड़ा कहा है. जोशी ने कहा कि शेखावत को दिल्ली पुलिस का संरक्षण लेने की बजाय राजस्थान पुलिस का सामना करना चाहिए. अभी भी उनके खिलाफ एसीबी में मामला विचाराधीन है जिसमें उन्हें वॉइस सैम्पल देने चाहिए.

जोशी ने कहा कि अगर शेखावत राजस्थान पुलिस का सहयोग नहीं करते हैं तो प्रदेश की जनता उन्हें भगोड़ा कहेगी. जरूरी नहीं कि पुलिस ही उन्हें भगोड़ा घोषित करे, नैतिक रुप से ही ऐसे व्यक्ति को भगोड़ा ही माना जाता है. वहीं मुख्य सचेतक के समर्थकों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गजेन्द्र सिंह भगोड़ा है के नारे लगाए.

दिल्ली नहीं गए जोशी
मुख्य सचेतक महेश जोशी को आज सुबह 11 बजे पेश होने का नोटिस दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दिया गया था, लेकिन वो दिल्ली नहीं गए. हालांकि जोशी द्वारा वाट्सएप और ई-मेल द्वारा नोटिस का जवाब दिया गया है. जिसमें उन्होंने नोटिस को ही कानूनी रुप से गलत बताया है. जोशी ने कहा कि 15 साल से कम उम्र के बच्चे, किसी महिला, दिव्यांग या 65 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति को पुलिस पूछताछ के व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं कर सकती है. ऐसे मामलों में पुलिस को घर जाकर ही पूछताछ करनी पड़ती है. जोशी ने यह भी कहा कि जिस मामले में उन्हें नोटिस दिया गया है उसमें वे आरोपी नहीं है.

मामला सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा के विरुद्ध है जिसमें उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा राहत दी गई है. जोशी ने यह भी कहा कि उन्हें नोटिस एक दिन पहले ही मिला जबकि विधायक और मंत्री का दर्जा होने के चलते उनकी कई तरह की व्यस्तताएं रहती हैं. वहीं एसीबी में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के खिलाफ लम्बित मामले को लेकर मुख्य सचेतक ने कहा कि हमारी सरकार जांच एजेंसियों पर दबाव नहीं बनाती हैं. एसीबी अपनी तरह से काम करने के लिए स्वतंत्र है.

आठ महीनों बाद सरकार ने स्वीकारी थी फोन टैपिंग की बात
आपको बता दें कि पिछले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय राजस्थान सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगे थे। इसमें विपक्ष की ओर से विधानसभा में भी यह सवाल पूछा गया था कि क्या जनप्रतिनिधियों के फोन टैप हुए, जिसके जवाब में सरकार ने आठ महीनों बाद फोन टैपिंग की बात को स्वीकारा था. इसके बाद से लगातार सरकार बीजेपी के निशाने पर आ गई थी. लिहाजा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस पर दिल्ली में एक परिवाद (शिकायत) दर्ज करवाई थी. शेखावत की परिवाद के बाद 25 मार्च को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की थी.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.