Rajasthan: हाड़ौती में पायलट समर्थक युवा नेता के लेटर और भरत सिंह की पैरवी ने मचाई खलबली

भरत सिंह ने भी मीणा के पत्र को अपने पत्र के साथ अटैच कर उसे कोटा आईजी रविदत्त गौड़ को भेजा है.

भरत सिंह ने भी मीणा के पत्र को अपने पत्र के साथ अटैच कर उसे कोटा आईजी रविदत्त गौड़ को भेजा है.

Ruckus in the Congress in Hadoti: कोटा संभाग में पायलट समर्थक एक युवा नेता के पत्र ने सियासत को गरमा दिया है. इस युवा नेता ने अपने पत्र में गहलोत सरकार के खान मंत्री पर गंभीर आरोप लगाकर पूर्व मंत्री भरत सिंह से मदद की गुहार की है.

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जयपुर. राजस्थान कांग्रेस में चल रही खींचतान (Factionalism in rajasthan congress)  थमने का नाम नहीं ले रही है. आरोप-प्रत्यारोप के दौर में हाड़ौती अंचल के एक युवा कांग्रेसी नेता ने अपनी ही गहलोत सरकार (Gehlot Government) के एक मंत्री पर उसे जबरन मामलों में फंसाकर उसकी हिस्ट्रीशीट खुलवाने की साजिश रचने के प्रयास का आरोप लगाया है.

इस युवा नेता ने इसकी शिकायत कांग्रेस के ही हाड़ौती के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक भरत सिंह कुंदनपुर को की है. उसने सिंह को पत्र लिखकर मदद की गुहार की है. सिंह ने भी इस युवा नेता की गुहार सुनकर कोटा रेंज के आईजी को पत्र लिखकर उसकी बात सुने जाने का आग्रह किया है. हाड़ौती कांग्रेस में चल रहे इस लेटरबाजी से एक बार फिर से वहां सियासत के गरमा गई है.

यह है पूरा मामला

दरअसल पूरा मामला हाड़ौती संभाग के बारां जिले के युवा नेता नरेश मीणा से जुड़ा हुआ है. मीणा पायलट समर्थक माने जाते हैं और वर्तमान में यहां अपनी राजनीति जमीन तलाश रहे हैं. मीणा ने अपने ही जिले एवं संभाग के दिग्गज नेता गहलोत सरकार के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया और छबड़ा से बीजेपी विधायक प्रताप सिंह सिंघवी पर गंभीर आरोप लगाये हैं. मीणा का आरोप है कि उनके द्वारा जबरन उसकी हिस्ट्रीशीट खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उसके खिलाफ दर्ज किये गये मुकदमे जनहित के कार्य करने के दौरान के हैं. मीणा ने अपने पत्र में सिंह से इस मामले में मदद की गुहार की है.
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सिंह ने आईजी को भेजा पत्र.


सिंह ने आईजी को भेजा पत्र

भरत सिंह ने भी मीणा के पत्र को अपने पत्र के साथ अटैच कर उसे कोटा आईजी रविदत्त गौड़ को भेजा है. सिंह ने अपने पत्र में मीणा की पैरवी करते हुये लिखा है कि हालांकि वे मीणा को व्यक्तिगत तौर नहीं जानते हैं, लेकिन राजनीतिक कोर्ट केस के आधार पर किसी की हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जाना उचित नहीं है. इसके साथ ही सिंह ने अपने पत्र में मीणा की और से उल्लेखित किये गये अन्य नेताओं का नाम लिये बिना उन पर भी निशाना साधा है.



इसलिये मच रहा है बवाल

लेटर बम के इस पूरे घटनाक्रम में दिलचस्प पहलू यह है कि सिंह अपने तेज तर्राट और साफगोई स्वभाव के लिये जाने जाते हैं. वे पहले भी मंत्री रहते हुये कई बार अपनी ही सरकार के खिलाफ कई मामलों में खुलकर बोल चुके हैं. ऐसे में अब इस लेटर बम से एक फिर सियासत गरमा गयी है. क्योंकि भाया गहलोत कैम्प के सिपाही माने जाते हैं और मीणा पायलट कैम्प के. इनके बीच सिंह की ओर से मीणा की पैरवी किया जाना एक नया भूचाल आने की आहट का संकेत दे रहा है.
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