प्रधानमंत्री देश को बताएं कि नोटबंदी अपने मकसद में कितनी कामयाब रही : सीएम गहलोत

नोटबंदी की चौथी बरसी को राजस्थान में कांग्रेस ने विश्वासघात दिवस के तौर पर मनाया. (फाइल फोटो)
नोटबंदी की चौथी बरसी को राजस्थान में कांग्रेस ने विश्वासघात दिवस के तौर पर मनाया. (फाइल फोटो)

सीएम गहलोत ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को चाहिए कि श्वेत पत्र निकालकर वे देशवासियों को बताएं कि नोटबंदी के दौरान नक्सलवाद, आतंकवाद खत्म होने और कालाधन वापस लाने का जो जिक्र किया गया था, उसपर क्या क्या प्रभाव हुआ है.’

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  • Last Updated: November 8, 2020, 9:26 PM IST
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जयपुर. नोटबंदी (Demonetisation) की चौथी बरसी को कांग्रेस (Congress) विश्वासघात दिवस के तौर पर मना रही है. सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केंद्र सरकार पर निशाना साधा. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नोटबंदी पर श्वेत पत्र जारी किए जाने की मांग करते हुए रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) देश को बताएं कि नोटबंदी अपने कथित उद्देश्यों में कितनी सफल रही. गहलोत ने रविवार को कहा, ‘प्रधानमंत्री को चाहिए कि श्वेत पत्र निकालकर वे देशवासियों को बताएं कि नोटबंदी के दौरान नक्सलवाद, आतंकवाद खत्म होने और कालाधन वापस लाने का जो जिक्र किया गया था, उस पर क्या क्या प्रभाव हुआ है.’ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश को बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था किस दिशा की ओर जा रही है. पूरा देश चिंतित है. व्यापार धंधे ठप हो रहे हैं. बेरोजगारी बढ़ रही है.

राज्यों के साथ केंद्र ने किया विश्वासघात

गहलोत ने कहा कि बिहार में चुनाव के दौरान बेरोजगारी एक मुद्दा बना है. वह एक नमूना है कि किस प्रकार पूरा मुल्क बेरोजगारी से ग्रस्त हो गया है और नौजवानों में कितना आक्रोश है. इसकी झलक बिहार चुनाव में दिखी. उन्होंने कहा कि जीएसटी में राज्यों को हक नहीं देना कहां की समझदारी है. यह तो राज्यों के साथ केन्द्र सरकार का विश्वासघात है. यह संघीय प्रणाली में उचित नहीं है. गहलोत ने कहा कि नोटबंदी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई.



चुनावी बॉन्ड लोकतंत्र के लिए खतरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी बॉन्ड लोकतंत्र के लिए खतरा है. इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए. यह एक पार्टी विशेष को लाभ पहुंचाएंगे जिसकी कोई भी जानकारी प्राप्त नहीं कर सकता. गुर्जर आंदोलन पर सवाल का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि गुर्जरों की सभी मांगें मानी गई हैं, ऐसे में बार-बार पटरी पर बैठने का कोई औचित्य नहीं है. कांग्रेस ने गुर्जरों के हित के लिए कई कदम उठाए हैं, अब आंदोलन की कोई गुंजाइश नहीं है.

प्रधानमंत्री ने देश की विदेश नीति को दांव पर लगाया

अमेरिका चुनाव पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह पहली बार हुआ जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए चुनाव प्रचार किया, राहुल गांधी ने उस समय विदेश मंत्री को यह सलाह दी थी कि देश की विदेश नीति इसकी इजाजत नहीं देती. प्रधानमंत्री ने देश की विदेश नीति को दांव पर लगाया.
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