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Jaipur News: जनता की तकलीफ दूर करने से पहले 'टेंशन फ्री' होगी पुलिस, जयपुर में जवान से संवाद मुहिम शुरू

जयपुर में पुलिस के जवानों की समस्या का समाधान करने के लिए जवानों से संवाद कार्यक्रम शुरू किया है.
जयपुर में पुलिस के जवानों की समस्या का समाधान करने के लिए जवानों से संवाद कार्यक्रम शुरू किया है.

जयपुर पुलिस ने जवान से संवाद कार्यक्रम शुरू किया है. इसमें अपने ही पुलिस जवानों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा जाएगा. इसका मकसद ये है कि पुलिस कर्मी ड्यूटी के दौरान समस्याओं से मुक्त रहें, जिससे ड्यूटी पर मुश्तैद और जनता काे न्याय दिला सकें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 5:23 PM IST
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जयपुर. जवान से संवाद, सुनने में अजीब लग रहा होगा, लेकिन ये सच है. जयपुर में पुलिस के जवानों की समस्या (Police will be 'tension free') का समाधान करने के लिए जवानों से संवाद कार्यक्रम (Jawan se Sanvad) शुरू किया है. जी हां, जयपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने अपने जवानों की परेशानियों को दूर करने के लिए उनसे हर रोज संवाद करना शुरू कर दिया है. जयपुर पुलिस की इस पहल का मकसद हैं कि पुलिस के जवान जनता से संवाद करते हैं, लेकिन वह खुद अगर समस्याओं से घिरे रहेंगे तो वह जनता के साथ न्याय नहीं कर सकेंगे. इसलिए उन्हें समस्या मुक्त रखने की मुहिम राजस्थान पुलिस ने शुरू की है.

जयपुर में कमिश्नरेट पुलिस ने जवान से संवाद करना शुरू किया है. जयपुर कमिश्नर सहित दोनों एडिशनल कमिश्नर हर दिन 10 से 20 जवानों के साथ संवाद कार्यक्रम रखते हैं. इस दौरान जवानों से उनकी परेशानी पूछी जाती है. छुट्टी, तबियत, पारिवारिक कलह, ड्यूटी को लेकर परेशानी, सीनियर अफसरों के साथ परेशानियों को पूछा जाता है. जवानों की परेशानी कोई बड़ा रूप ले, उससे पहले ही उसे खत्म करने की कोशिश की जाती है.

कई बार देखने को मिला है कि पुलिसकर्मी अपनी निजी परेशानी से इतने परेशान हो जाते हैं कि वह कई बार सुसाइड तक कर लेते हैं. इसके पीछे कोई भी कारण हो सकता है अगर समय रहते ऐसे पुलिसकर्मियों से अधिकारी संवाद करेंगे तो उनके सुसाइड करने के अनुपात न केवल गिरावट आएगी बल्कि पुलिसकर्मी फील्ड में अपनी कार्य कुशलता से अधिक सेवा दे सकेंगे. एडिशनल कमिश्नर राहुल प्रकाश भी मानते हैं कि पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव अधिक रहता है, ऐसे में उनके साथ इस तरह की बातें करने से उनके कार्य में निखार आएगा.



एडिशनल कमिश्नर एडिशनल कमिश्नर जयपुर लॉ एंड ऑर्डर राहुल प्रकाश ने बताया कि थाने का जाप्ता कई बार लोगों के साथ सही व्यवहार नहीं करते, हम तक भी यह बात आती है. लेकिन यह कोई नहीं जानना चाहता है कि वह जवान ऐसा क्यों कर रहा है. कई बार पता किया जाता है तो पता चलता है कि वह किसी व्यक्तिगत कार्य के कारण परेशान है, जिससे वह लोगों से सही संवाद नहीं रख पा रहा. ऐसे पुलिस कर्मियों की परेशानी दूर करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है.
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