राजस्थान में बढ़ी सियासी तपिश, पायलट गुट के विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने पाला बदला!

राजस्थान में सियासी बयानबाजी से राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है. बताया जा रहा है कि पायलट के प्रेशर में जल्द हो सकता है मंत्रीमंडल का विस्तार.

राजस्थान में सियासी बयानबाजी से राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है. बताया जा रहा है कि पायलट के प्रेशर में जल्द हो सकता है मंत्रीमंडल का विस्तार.

Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot: सचिन पायलट को संतुष्ट करने और असंतुष्टों को साधने के लिए जून के अंत में या जुलाई माह में अशोक गहलोत मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. इसमें कई नए चेहरे भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं, जो पायलट समर्थक माने जाते हैं.

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जयपुर. सचिन पायलट के हाल में सामने आए बयान के बाद अब प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.सियासी हलकों में जहां हर एक चीज के मायने निकाले जा रहे हैं, वहीं सियासी कयासों और चर्चाओं का सिलसिला भी शुरू हो गया है. प्रदेश में अब एक बार फिर से मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार को लेकर कयास लगना शुरू हो गए हैं. ऐसा कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलट खेमे को संतुष्ट करने के लिए अब जल्द ही मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार किया जा सकता है. जून अंत में या जुलाई माह में मंत्रिमंडल फेरबदल की बात कही जा रही है. इस फेरबदल में जहां कई मंत्रियों के महकमे बदलने की बात कही जा रही है तो कई नए चेहरे भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. गहलोत मंत्रिमंडल में अभी 9 पद खाली हैं.

विश्वेन्द्र सिंह ने बदला पाला

उधर बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने बुधवार को पूर्व मंत्री और विधायक विश्वेन्द्र सिंह से मुलाकात की. विश्वेन्द्र सिंह के जयपुर स्थित बंगले पर हुई मुलाकात के भी कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. गौरतलब है कि धर्मेन्द्र राठौड़ मुख्यमंत्री के सबसे खास सिपहसालार माने जाते हैं. विश्वेन्द्र सिंह पिछले साल हुए सियासी संकट में पायलट खेमे में मौजूद थे, लेकिन पिछले कुछ समय से उनका हृदय परिवर्तन हो रहा है और अब उनका झुकाव गहलोत खेमे की ओर है.

पिछले दिनों विश्वेन्द्र सिंह ने सीएम गहलोत से मुलाकात भी की थी. इस बीच विश्वेन्द्र सिंह का एक कथित ऑफ कैमरा बयान भी बताया जा रहा है जिसमें उन्होंने गहलोत को राजस्थान का नेता और आलाकमान की पसंद बताया है. उन्होंने यह भी कहा हमारी समस्याओं का निस्तारण लगभग हो चुका है और मैं गहलोत-पायलट के बीच सेतु का काम कर रहा हूं. उधर धर्मेन्द्र राठौड़ ने कहा कि उनकी विश्वेन्द्र सिंह से सामान्य रुप से मुलाकात होती रहती है और बुधवार को हुई मुलाकात को भी राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
रीता बहुगुणा जोशी ने कही ये बात

वहीं, एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में रीता बहुगुणा जोशी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि मैंने सचिन पायलट को फोन कर भाजपा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि देश के विकास के लिए मैंने पायलट से कहा था कि उन्हें मोदी जी के साथ काम करने के लिए भाजपा में शामिल होना चाहिए. बता दें कि रीता बहुगुणा जोशी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रह चुकी हैं और 2016 में भाजपा में शामिल हो गईं थी. अभी रीता बहुगुणा जोशी प्रयागराज सीट से भाजपा की सांसद हैं.

बैठक में शामिल होने पर भी चर्चाएं



उधर नाराजगी के बीच सचिन पायलट बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए. पायलट के इस बैठक में शामिल होने के भी मायने निकाले जा रहे हैं. बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस बैठक में शामिल हुए थे. ऐसा माना जा रहा है कि पायलट जो मैसेज देना चाहते थे, वो दे चुके हैं और अब घटनाक्रम को यहीं खत्म करना चाहते हैं. शुक्रवार को पायलट कांग्रेस के प्रदर्शन में भी शामिल हो सकते हैं. अब विवाद को तूल देने की बजाय कुछ समय पायलट खेमा शांत रहकर अपनी लड़ाई लड़ सकता है. इस तरह की चर्चाएं हैं कि पायलट खेमे द्वारा एकजुट होकर पार्टी आलाकमान को पत्र लिखा जा सकता है या फिर पार्टी आलाकमान से समय लेकर मुलाकात भी की जा सकती है.

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