Rajasthan: पायलट गुट ने हाईकोर्ट में लगाई एक और अर्जी, केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाने का किया आग्रह

अर्जी में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा-2-ए की संवैधानिकता को चुनौती दी है. इसलिए केंद्र सरकार को इसमें पार्टी बनाया जाए.
अर्जी में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा-2-ए की संवैधानिकता को चुनौती दी है. इसलिए केंद्र सरकार को इसमें पार्टी बनाया जाए.

Rajasthan Crisis: राजस्थान का सियासी संकट लगातार गहराता जा रहा है. सीएमआर और विधानसभा से निकलकर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे इस मामले में अब अदालतों में याचिकायें लगाने का दौर तेज हो गया है.

  • Share this:
जयपुर. राजस्थान का सियासी संकट (Political crisis) लगातार गहराता जा रहा है. सीएमआर और विधानसभा से निकलकर हाईकोर्ट (High Court) और फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंचे इस मामले में अब अदालतों में याचिकाएं लगाने का दौर तेज हो गया है. नोटिस याचिका के मामले में हाईकोर्ट से इतर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष के बाद अब पायलट गुट ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों में अलग-अलग अर्जी पेश की है.

पायलट खेमे ने एक तरफ सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी की याचिका पर कैविएट दाखिल कर कहा है कि उनका पक्ष सुने बिना कोई फैसला न किया जाए. वहीं, दूसरी तरफ पायलट गुट ने राजस्थान हाईकोर्ट में भी अर्जी लगाकर नोटिस याचिका में केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाने का आग्रह किया है. अर्जी में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा-2-ए की संवैधानिकता को चुनौती दी है. इसलिए केंद्र सरकार को इसमें पार्टी बनाया जाए.

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, पायलट कैंप ने दाखिल की कैविएट



यूं चल रहा है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि सियासी संकट में व्हिप उल्लंघन के मामले में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों को दिये गए नोटिस की वैधानिकता को लेकर पायलट खेमा हाईकोर्ट पहुंचा था. इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है. हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है. हाईकोर्ट 24 जुलाई को अपना फैसला सुनायेगा. इस बीच, बुधवार को इस मसले को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी. डॉ. जोशी ने अपनी याचिका में कहा कि न्यायपालिका से कभी भी यह अपेक्षा नहीं की गयी थी कि वह ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करेगी, जिससे संवैधानिक गतिरोध पैदा हो. इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. इससे पहले पायलट खेमे की ओर से दायर की गई नोटिस याचिका में राज्य सरकार के मुख्य सचेतक ने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर उनको पक्षकार बनाने का आग्रह किया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज