Rajasthan Phone Taping Case: अशोक गहलोत सरकार ने केंद्र को भेजा जवाब, जानें खास बातें

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मसले पर गहलोत सरकार से 10 से ज्यादा बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मसले पर गहलोत सरकार से 10 से ज्यादा बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी.

Phone Taping Case: राजस्थान के सियासी संग्राम में भूचाल लाने वाले फोन टेपिंग मामले में प्रदेश सरकार ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है.

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जयपुर. राजस्थान के सियासी संग्राम (Political Struggl) में भूचाल लाने वाले फोन टेपिंग मामले (Phone Taping Case) में गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी थी. इसके 3 दिन बाद राजस्‍थान सरकार ने मंगलवार को जवाब भेजा. गृह विभाग, एटीएस और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने यह रिपोर्ट तैयार की है. केंद्र को भेजे गए जवाब में कहा गया की फोन टेपिंग में राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है. गृह सचिव ने फोन टेपिंग की कोई अनुमति नहीं दी.

मुख्य सचिव और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी फोन टेपिंग मामले पर अनभिज्ञता जाहिर कर चुके हैं. गृह सचिव के स्तर से भी फोन टेपिंग की स्वीकृति नहीं दी गई है. गृह सचिव को भी इस बात की जानकारी नहीं है कि फोन टेपिंग हुई. केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गये जवाब में कहा गया है कि फोन टेपिंग में सरकार पूरी प्रक्रिया की पालना करती है. गृह सचिव से अनुमति लेने के बाद ही पुलिस फोन टेप करती है.

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फोन टेपिंग को लेकर उठे थे सवाल
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मसले पर राज्य सरकार से 10 से ज्यादा बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी. विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राज्य सरकार पर फोन टेपिंग को लेकर सवाल उठने लगे थे. इसके बाद गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. नोटिस में कहा गया था कि मंत्रालय को शिकायत मिली है कि संजय जैन की फोन टेपिंग नियमों के खिलाफ हुई है. यह भी पूछा था कि फोन टेपिंग किन नियमों के तहत की गई. जैन को इस ऑडियो मामले में दलाल माना गया और वह अभी गिरफ्तार है.

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बीजेपी ने लगाया था आरोप
राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने अशोक गहलोत सरकार पर मंत्री और विधायकों के फोन टेप करने का आरोप लगाया था. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकार फोन टेप करके निजता का उल्लंघन कर रही है. नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी.
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