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राजस्थान: कोरोना वैक्सीन की बर्बादी पर बीजेपी-कांग्रेस में सियासत चरम पर, जानिये क्या है हकीकत

वैक्सीन बर्बाद करने वाले राज्यों में सबसे आगे झारखंड (37.3%) फिर छत्तीसगढ़ (30.2%) और तीसरे नंबर पर तमिलनाडु (15.5%) है.

Politics on corona vaccine: कोरोना वैक्सीन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है. वैक्सीन के वितरण और उसकी डोज के बर्बाद होने के मुद्दे को लेकर बीजेपी तथा कांग्रेस एकदूसरे पर हमलावर हो रही हैं. जानिये क्या हैं इस सियासत के जमीनी हालात.

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जयपुर. केंद्र से लगातार कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) कम मिल रही है. राजस्थान की डिमांड की एक चौथाई वैक्सीन ही केंद्र बमुश्किल दे रहा है. ऐसे में वैक्सीन की कमी के चलते वैक्सीनेशन अभियान प्रभावित हो रहा है. इस बीच वैक्सीन की बर्बादी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में सियासत (Politics between BJP and Congress) गरमायी हुई है. बीजेपी ने राज्य सरकार पर ज्यादा वैक्सीन बर्बाद करने का आरोप जड़ा है तो कांग्रेस ने इसके लिए केंद्र की नीति को जिम्मेदार ठहराया है. वैसे आंकड़ों में बात करें तो वैक्सीन बर्बादी में राजस्थान टॉप पांच राज्यों में भी शुमार नहीं है.

प्रदेश में कई जगह से वैक्सीन खराब होने की शिकायतें आ रही हैं. एक वैक्सीन की वॉयल में 10 डोज होती है. कई सेंटर्स पर देखा जा रहा है कि पूरी दस डोज लगने से पहले ही वॉयल को डस्टबिन के हवाले कर दिया जा रहा है. दरअसल एक बार वॉयल खुलने पर 4 घंटे में ही उसकी पूरी डोज लगाना जरूरी होता है नहीं तो वैक्सीन खराब हो जाती है. प्रदेश में कई सेंटर पर शाम के समय लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं. उसकी वजह से वैक्सीन बर्बाद हो रही है. जिलों में टीकाकरण की जिम्मेदारी सीएमएचओ की है. वैक्सीन खराब होने से बचाने के लिए सिस्टम बनाने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. वैक्सीन सेंटर्स पर शाम के वक्त 10 लाभार्थियों को इकट्टा कर वैक्सीन लगाने की नीति भी नहीं अपनाई जा रही है.

राजस्थान की स्थिति बेहतर लेकिन आरोप-प्रत्यारोप चरम पर
दूसरी ओर कुछ वैक्सीन खराब होने के बावजूद यदि राष्ट्रीय स्तर पर बात करें तो राजस्थान की स्थिति काफी बेहतर है. वैक्सीन बर्बाद करने वालों में सबसे आगे झारखंड (37.3%) फिर छत्तीसगढ़ (30.2%) और तीसरे नंबर पर तमिलनाडु (15.5%) है. राजस्थान में वैक्सीन बर्बादी राष्ट्रीय औसत 6.3 प्रतिशत से काफी कम है. इसके बावजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आरोप है कि राजस्थान में वैक्सीन बर्बादी का खेल खेला जा रहा है. 17 जिलों में पांच से 40 फीसदी डोज बर्बाद हो रही है. दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इसके लिए केंद्र की नीति को दोषी ठहराते हैं. डोटासरा के मुताबिक गलत नीति के चलते सारी डोज का इस्तेमाल नहीं हो पाया.

चिकित्सा मंत्री का आरोप केंद्र के एप और साइट पर आंकड़े अलग-अलग
राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा का कहना है कि राजस्थान को पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध कराने में विफल रही केंद्र सरकार अब वैक्सीन के आंकड़ों में भी बाजीगरी करने लगी है. केंद्र के कोविन-एप में वे टीके भी लगे हुए दिखाए गए हैं जिनकी आपूर्ति ही नहीं हुई है. चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के मुताबिक राजस्थान में 1 करोड़ 63 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जबकि वेबसाइट पर एक करोड़ 70 लाख डोज की खपत दिखाई गई है. वास्तव में 6 लाख 33 हजार डोज बर्बाद नहीं हुई हैं बल्कि 2 लाख 95 हजार डोज की गलती से दो बार एंट्री हुई है. दोनों वेबसाइट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संचालित हैं.

केंद्र ने बर्बादी की जांच के लिए लिखा, राज्य ऑडिट कराएगा
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने प्रदेश में वैक्सीन बर्बादी की खबरों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा को चिठ्ठी भेजी है. उन्होंने टीके की बर्बादी की जांच कराने के लिए कहा है. उधर वैक्सीन बर्बादी की शिकायतों पर एक्शन लेते हुए प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोड़ा ने ​कुछ जिलों को हाईलाइट कर वहां वैक्सीन आडिट करने के निर्देश दिए हैं ताकि डोज की बर्बादी की हकीकत का पता चल सके.
Published by:Sandeep Rathore
First published: