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कर्जमाफी से वसुंधरा को नहीं मिला फायदा, अब गहलोत की लगेगी नैया पार?

कर्जमाफी से वसुंधरा को नहीं मिला फायदा, अब गहलोत की लगेगी नैया पार?

सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

क्या कांग्रेस को कर्जमाफी की इस पूरी कवायद लोकसभा चुनाव में लाभ मिलेगा? चुनाव से पहले कर्जमाफी का यह दांव कितना कारगर साबित होगा?

    लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में किसानों की कर्जमाफी होने जा रही है. प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए लाखों किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने जा रही है. लेकिन क्या कांग्रेस को इस पूरी कवायद का लोकसभा चुनाव में लाभ मिलेगा? चुनाव में यह कर्जमाफी का यह दांव कितना कारगर साबित होगा?

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    प्रदेश में गुरुवार से किसानों की कर्जमाफी होने जा रही है. लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार विधानसभा चुनाव में किया गया अपना वादा पूरा करेगी. लेकिन क्या कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में इस बड़ी कवायद का फायदा मिलेगा? इसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस में हमेशा की तरह स्वभाविक मतभिन्नता देखने को मिल रही है. कांग्रेस जहां इसे किसानों के लिए बड़ी राहत बता रही है. वहीं बीजेपी इसे केवल ढकोसला करार दे रही है. बीजेपी की मानें तो हकीकत जनता के सामने आ जाएगी और चुनावी लाभ लेने के सपने संजो रही कांग्रेस को फायदे के बजाय नुकसान ही ज्यादा होगा.

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    किसानों को पता है कि उन्हें ऋणमाफी से बड़ी राहत मिलने जा रही है लिहाजा किसान शांत है. लेकिन भाजपा को अपनी सत्ता जाने का डर लग रहा है इसीलिए जेल भरो आन्दोलन जैसे हथकण्डे अपनाये जा रहे हैं. भाजपा जेल भरो आन्दोलन करे ताकि पता लग जाये कि उसमें कितने लोग गिरफ्तारी देते हैं.
    सुशील आसोपा, कांग्रेस नेता


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    कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ धोखेबाजी की जा रही है और जनता को जल्द हकीकत पता लग जायेगी. किसानों में आक्रोश होगा तो चुनाव में इसका लाभ मिलने की बजाय कांग्रेस को नुकसान ज्यादा होगा.
    जितेन्द्र श्रीमाली, बीजेपी नेता


    कर्जमाफी की कवायद चुनावी मायने में कितनी कारगर होगी इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसानों को राहत मिलती है तो जाहिर तौर पर सत्ताधारी दल को इसका लाभ मिलेगा. वरिष्ठ पत्रकार ओम सैनी का कहना है कि आखिरी वक्त में की गई घोषणाओं का राजनीतिक दलों का लाभ नहीं मिलता और ऐसा अशोक गहलोत के साथ पूर्व कार्यकाल में हो भी चुका है. लेकिन देश में किसानों पर जिस तरह की आफत टूटी है उससे स्थितियों में कुछ बदलाव जरूर है जिसका कांग्रेस को फायदा मिलेगा. विशेषज्ञों का मुताबिक किसानों का राजी और खफा होना राजनीति में महत्वपूर्ण है और ग्रामीण जनता तय करती है कि राज कौन करेगा.

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    कर्जमाफी का लोकसभा चुनाव में लाभ मिलना चाहिए लेकिन मतदाता जिस तरह से जातियों में बंटा हुआ है वह कब पलटी खा जाये कोई भरोसा नहीं.
    ओम सैनी, वरिष्ठ पत्रकार


    कांग्रेस से पहले पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार भी किसानों की कर्जमाफी कर चुकी है लेकिन पार्टी अपनी सत्ता बचाने में कामयाब नहीं हो पाई. लेकिन कांग्रेस को लगता है कि राजस्थान में उसकी सरकार बनने में किसानों की कर्जमाफी का वादा बेहद कारगर साबित हुआ है. अब कुछ ही महीनों में लोकसभा चुनाव है और कर्जमाफी को कसौटी पर परखा जायेगा कि आखिर यह दांव चुनावी चौसर में कितना कारगर है.

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    Tags: Ashok gehlot, Jaipur news, Loan waiver, Rajasthan news, Vasundhara raje

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