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    राजस्थान में फिर से नाम बदलने की राजनीति शुरू, यहां पढ़ें- पुरानी योजनाओं के नये नाम

    पूर्व की वसुंधरा राजे सरकार की योजनाओं के नाम अशोक गहलोत सरकार ने बदल दिए हैं. फाइल फोटो.
    पूर्व की वसुंधरा राजे सरकार की योजनाओं के नाम अशोक गहलोत सरकार ने बदल दिए हैं. फाइल फोटो.

    राजस्थान (Rajasthan) में सत्ता परिवर्तन होते ही ब्यूरोक्रेसी बदलने के साथ ही योजनाओं के नाम बदलने की भी पुरानी रवायत रही है.

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    जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में सत्ता परिवर्तन होते ही ब्यूरोक्रेसी बदलने के साथ ही योजनाओं के नाम बदलने की भी पुरानी रवायत रही है. राजस्थान की सत्ता में कांग्रेस (Congress) नीत अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के आने के बाद से सरकारी योजनाओं के नाम बदले जाने का सिलसिला लगातार जारी है. गहलोत सरकार ने अपने डेढ़ वर्ष से अधिक कार्यकाल में पिछली बीजेपी सरकार की करीब एक दर्जन योजनाओं के नाम बदल दिए हैं. ताजा विवाद पिछली वसुंधरा सरकार द्वारा शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना का नाम बदलने से हुआ है.

    इंदिरा रसोई योजना के शुभारंभ के साथ शुरू हुई राजनीति अब आरोप प्रत्यारोप तक पहुंच गई है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नाम बदलने पर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. बीजेपी शासन में इन योजनाओं के बदले नामपिछली वसुंधरा सरकार ने राजीव गांधी सेवा केंद्रों का नाम अटल सेवा केंद्र किया था. अब कांग्रेस की सरकार आई तो इन केंद्रों का नाम बदलकर राजीव गांधी अटल सेवा केंद्र कर दिया गया. वसुंधरा सरकार में राजीव शिक्षा संकुल का नाम बदलकर डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल किया गया था. विधायक महेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अपने और अपनी पार्टी के बारे में जरूर विचार कर लें, जिनको नाम बदलने की बीमारी बहुत पहले से है.

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    बदले इन योजनाओं के नाम
    बता दें कि गहलोत सरकार ने सभी सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर हटवा दी है. दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना का नाम मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना कर दिया गया है. गुरु गोलवलकर ग्रामीण जनभागीदारी योजना का नाम अब महात्मा गांधी ग्रामीण जनभागीदारी योजना कर दिया गया है. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना का नाम भी अब बदलकर राजीव गांधी जल स्वावलंबन योजना कर दिया गया है. ग्रामीण गौरव पथ की जगह सरकार ने विकास पथ के नाम से योजना बनाई है. भामाशाह की जगह राजस्थान जन आधार योजना  बना दी है. किसान राहत आयोग का नाम बदल कर कृषक कल्याण कोष कर दिया गया है.
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