गहलोत सरकार के मंत्री बोले- आम और खास के लिए कानून में फर्क जरूरी, जानिए पूरा मामला

खाचरियावास ने तर्क दिया कि मंत्री विधायक किसी के अंतिम संस्कार में जाते हैं तो उन पर केस क्यों.

खाचरियावास ने तर्क दिया कि मंत्री विधायक किसी के अंतिम संस्कार में जाते हैं तो उन पर केस क्यों.

पूरा मामला दो दिन पहले जयपुर मे हाजी रफाअत अली के जनाजे से जुड़ा है जिसमें भारी भीड़ उमड़ी थी. जयपुर पुलिस ने कांग्रेस विधायक रफीक खान (Congress MLA Rafeek Khan) को मुख्य आरोपी माना. मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Khachariyawas) ने तर्क दिया कि पुलिस को आम और खास में फर्क करना होगा. विधायक-मंत्रियों क खिलाफ कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का केस दर्ज करना गलत है.

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जयपुर. जयपुर में हाजी रफाअत अली के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी. पुलिस ने कांग्रेस विधायक रफीक (MLA Rafeek Khan) को मुख्य आरोपी माना. गहलोत सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप खाचरियावास (Pratap Khachariyawas) कांग्रेस विधायक रफीक खान के खिलाफ पुलिस के केस दर्ज करने से गुस्से में हैं. खाचरियावास ने तो कह दिया कि विधायक-मंत्रियों के खिलाफ आम जनता की तरह कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline)  के उल्लंघन का केस दर्ज नहीं किया जा सकता है. पुलिस विधायक के खिलाफ केस वापस ले. इतना ही नहीं रफीक खान के समर्थन में चालीस पार्षद कूद पड़े औऱ एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया.

पूरा मामला दो दिन पहले जयपुर मे हाजी रफाअत अली के जनाजे से जुड़ा है जिसमें भारी भीड़ उमड़ी थी और कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई गई थीं. जयपुर पुलिस ने कांग्रेस विधायक रफीक खान को मुख्य आरोपी माना. रफीक खान पर भीड़ को भड़काने का आरोप है. कांग्रेस विधायक के खिलाफ केस दर्ज हुआ तो जयपुर के चालीस पार्षद विधायक के खिलाफ केस रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदरेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के घर पहुंच गए.

'मंत्री-विधायक किसी के अंतिम संस्कार में जाते हैं तो केस क्यों'

रफीक खान के समर्थकों ने सरकार पर दबाब बनाना शुरू कर दिया. इससे दो कदम आगे गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने तो यहां तक कह दिया कि पुलिस को आम और खास में फर्क करना होगा. विधायक -मंत्रियों क खिलाफ कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का केस दर्ज करना गलत है. रफीक खान के खिलाफ एफआईआर रद्द हो. खाचरियावास ने तर्क दिया कि मंत्री विधायक किसी के अंतिम संस्कार में जाते हैं तो उन पर केस क्यों.
बीजेपी ने इस मसले पर गहलोत सरकार को घेरा और कहा कि आम और खास के लिए अलग-अलग कायदे कैसे. बीजेपी ने गहलोत सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने औऱ केस को पुलिस से लेकर सीबी सीआईड को ट्रांसफर करने को विधायक को बचाने की कार्रवाई बताया.

हालांकि कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का ये पहला मामला नहीं. भीलवाड़ा के बनेड़ा में पूर्व सांसद हेमेंद्र सिंह की अंतिम यात्रा में भी हजारों की भीड़ उमड़ी. कोरोना सेमौत के बावजूद शाही तरीके से अंतिंम यात्रा निकाली. पिछले महीने ही इसी तरह गहलोत सरकार के एक मंत्री शालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की अंतिम यात्रा में भी ऐसी ही भीड़ थी. इससे गहलोत सरकार की कोरोना से निपटने की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे है. इनमें से किसी मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

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