अपना शहर चुनें

States

Rajasthan: राज्य सरकार की सिफारिशों के अनुसार निजी स्कूल ले सकेंगे फीस- हाईकोर्ट

खंडपीठ ने इस मामले में सभी पक्षों को सुना. इसलिये इसकी सुनवाई काफी लंबी चली.
खंडपीठ ने इस मामले में सभी पक्षों को सुना. इसलिये इसकी सुनवाई काफी लंबी चली.

Private school fees case: राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले में शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि निजी स्कूल 28 अक्टूबर की राज्य सरकार की सिफारिशों के अनुसार (Recommendations of the government) फीस ले सकेंगे.

  • Share this:
जयपुर. निजी स्कूल फीस विवाद मामले (private school fees case) में राजस्थान हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला (Decision) सुना दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि निजी स्कूलें 28 अक्टूबर की राज्य सरकार की सिफारिशों (Recommendations of the government) के अनुसार फीस ले सकेंगे. हाईकोर्ट के सीजे इंद्रजीत माहन्ती की खंडपीठ ने यह अहम फैसला सुनाया है.

राज्य सरकार ने पिछले दिनों हाईकोर्ट के निर्देश पर एक कमेटी का गठन किया था. उस कमेटी ने 28 अक्टूबर को अपनी सिफारिशें सौंपी थी. कमेटी की सिफारिशों में कहा गया था कि जो भी स्कूल्स ऑनलाइन पढ़ाई करवा रही हैं वे ट्यूशन फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा बतौर फीस ले सकते हैं. इसके अलावा स्कूलें खुलने के बाद जितना कोर्स संबंधित बोर्ड की ओर से तय किया जाएगा उसी के अनुसार स्कूल फीस ले सकेंगे. लेकिन, राज्य सरकार की इन सिफारिशों को निजी स्कूलों और अभिभावकों ने मनाने से इनकार कर दिया था.

Rajasthan:आज आयेगा निजी स्कूल फीस विवाद पर हाई कोर्ट का फैसला, यहां पढ़ें केस की विस्तृत डिटेल

सीजे इंद्रजीत माहन्ती की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुना


बाद में यह मामला सीजे इंद्रजीत माहन्ती की खंडपीठ में चला. खंडपीठ ने इस मामले में सभी पक्षों को सुना. इसलिये इसकी सुनवाई काफी लंबी चली. खंडपीठ ने सरकार, निजी स्कूलों और अभिभावकों का पक्ष सुनने के बाद शुक्रवार को इस पर अपना फैसला सुनाया है. हालांकि सभी पक्षों का कहना है कि अभी तक उन्हें फैसले की कॉपी नहीं मिली है. उसको देखने की बाद ही आगे क्या करना है इस बारे में कुछ कहा जा सकता है.

यह है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में राज्य सरकार ने पूर्व में 9 अप्रेल और 7 जुलाई के दो अलग-अलग आदेशों के जरिये स्कूल फीस को स्थगित कर दिया था. सरकार के इन आदेशों के खिलाफ निजी स्कूलों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी. इस पर हाई कोर्ट की एकलपीठ ने गत 7 सितम्बर को स्कूलों को ट्यूशन फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा बतौर फीस लेने के आदेश दे दिये. लेकिन एकलपीठ के आदेश के खिलाफ सरकार और अधिवक्ता सुनील समदड़िया ने खंडपीठ में अपील कर दी. उसके बाद खंडपीठ ने सिंगल बैंच के फैसले पर रोक लगा दी थी. बाद में कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने 28 अक्टूबर को फीस के संबंध में अपनी सिफारिशें दी थी. उसे भी निजी स्कूलों और अभिभावकों ने मनाने से इनकार कर दिया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज