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Good News: राजस्थान में लॉकडाउन के साथ ही खुल सकता है राजनीतिक नियुक्तियों का पिटारा !

जयपुर, जोधपुर और कोटा जिले में दो-दो कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाए जाने के आसार हैं.

Political appointments in rajasthan: राजस्थान में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिये खुशखबर सामने आई है. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियों का पिटारा खोलने वाली है. इसके साथ ही संगठन में भी निुयक्तियों का सिलसिला शुरू किया जायेगा.

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जयपुर. जून माह में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं (Congress leaders and workers) की लॉटरी लग सकती है. लॉकडाउन खुलने के साथ ही राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियों (Political appointments) का पिटारा खुलने की उम्मीद भी जताई जा रही है. खुद पार्टी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने इसके संकेत दिए हैं. डोटासरा ने कहा है कि लॉकडाउन खुलने के बाद नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा. इसमें ना केवल राजनीतिक नियुक्तियां होंगी बल्कि कांग्रेस संगठन में भी अटकी नियुक्तियां इसी महीने में होने के आसार हैं.

नियुक्तियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अब एक्टिव मोड पर नजर आ रही है. पहले चरण में करीब 15 हजार राजनीतिक नियुक्तियां की जा सकती हैं. बताया जा रहा है कि पहले चरण की राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी अजय माकन और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा के बीच चर्चा भी हो चुकी है.

संगठन में नियुक्तियों की जारी है कवायद
वहीं संगठन में नियुक्तियों के मामले में पीसीसी ने विवाद वाली जगहों से फिर से जिला और ब्लॉक स्तर के पैनल मांगे हैं. जिन जिलों में विवाद नहीं है उनके लिए नामों की लिस्टिंग की जा रही है. बिना विवाद वालों जिलों में जून माह में ही नियुक्तियां होने की संभावना है. वहीं जयपुर, जोधपुर और कोटा जिले में दो-दो कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनाए जाने के आसार हैं. पार्टी की ओर से एआईसीसी को पिछले दिनों इसका सुझाव भेजा गया था. उस पर जल्द फैसला हो सकता है. इन जिलों में अब दो-दो नगर निगम हो चुके हैं और इन शहरों का दायरा बड़ा हो गया है. लिहाजा इनमें दो-दो जिलाध्यक्ष बनाने का सुझाव प्रदेश कांग्रेस की ओर से दिया गया था.

बार-बार नियुक्तियां टलने से है विरोध
राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर लम्बे समय से कवायद चल रही है. लेकिन बार-बार अलग-अलग कारणों के चलते मामला टलता जा रहा है. नियुक्तियों में देरी की वजह से पार्टी में ही विरोध के सुर भी उठने लगे हैं. पायलट खेमा इसे लेकर अपना विरोध भी जता चुका है. लिहाजा विरोध को थामने के लिए अब नियुक्तियां जल्द होने के आसार हैं.

दूसरा कारण यह भी है
पिछले दिनों प्रदेश स्तर की कुछ राजनीतिक नियुक्तियां तो हुईं लेकिन उनमें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बजाय अधिकारियों को ज्यादा तवज्जो दी गई. इसे लेकर भी पार्टी में नाराजगी है. नियुक्तियों में लगातार हो रही देरी के चलते जहां पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है वहीं कोरोना काल में आम लोगों की सेवा के लिए कांग्रेस की ओर से चलाए अभियान को भी अपेक्षित गति नहीं मिल पाई. ऐसे में पार्टी अब जल्द से जल्द नियुक्तियां कर सभी समीकरण साधने की कोशिश करेगी.