राजस्थान: किसानों को परेशान करने पर 3 से 7 साल की सजा और 5 लाख के जुर्माने का प्रावधान

संविदा खेती में भी एमएसपी से कम भुगतान करने पर सात साल की सजा का प्रावधान किया गया है. (फाइल फोटो)
संविदा खेती में भी एमएसपी से कम भुगतान करने पर सात साल की सजा का प्रावधान किया गया है. (फाइल फोटो)

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) में शनिवार को ये बिल पेश किया गया. सोमवार को इसे पारित कराया जाएगा.

  • Share this:
जयपुर. राजस्थान में किसानों (Farmers) के उत्पीड़न पर तीन से सात साल की सजा और पांच लाख जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है. मंडी या व्यापारिक केंद्रों पर किसान से फसल खरीदने की बात तय होने या करार होने के बाद भी उनकी फसल नहीं खरीदने और तीन दिन बाद भी खरीद का भुगतान नहीं करने को किसान का उत्पीड़न माना जाएगा. मंडी में व्यापारियों को किसान की उपज खरीदने के तीन दिन के अंदर भुगतान करना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं करने पर सजा और जुर्माना लगाया जाएगा.

कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) राजस्थान संशोधन विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है. संविदा खेती यानी कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गये हैं. संविदा खेती में किसान को एमएसपी से कम दर पर करार के लिए मजबूर करने पर सात साल तक की सजा और 5 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

राजस्थान विधानसभा में शनिवार को ये बिल पेश किया गया. सोमवार को इसे पारित कराया जाएगा. विधेयक में किए प्रावधानों के मुताबिक किसान को तीन दिन में फसल का भुगतान करना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं करना उत्पीड़न माना जाएगा.



संविदा खेती के मामले में किसानों के साथ किसी फर्म या कंपनी का करार तब तक वैध नहीं माना जाएगा जब तक किसान को एमएसपी या इससे ज्यादा कीमत न दी गई हो. अगर संविदा खेती के मामले में एमएसपी से कम पर कीमत दी तो किसान उत्पीड़न मानते हुए तीन से सात साल तक की सजा और 5 लाख जुर्माने का प्रावधान किया गया है. संविदा खेती के करार पर किसान का व्यापारी के साथ विवाद होने पर मंडी समिति स्तर पर अर्जी दे सकेगा. मंडी स्तर पर विवाद का समाधान नहीं होने पर 30 दिन के भीतर कृषि निदेशक के यहां अपील की जा सकेगी. निदेशक का फैसला अंतिम होगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज