कोरोना वायरस की दूसरी लहर से बचने के लिए लोग पहनें मास्क और रहें सतर्क: रघु शर्मा

चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (फाइल फोटो)
चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (फाइल फोटो)

चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में मौसमी बीमारियों स्वाइन फ्लू, डेंगू, सर्दी और खांसी, प्रदूषण आदि के मामलों में वृद्धि होगी, जो गंभीर है.

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जयपर. राजस्थान के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) ने लोगों को आगाह किया है कि वे कोरोना वायरस संक्रमण (Corona virus infection को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतें, क्योंकि संक्रमण की दूसरी लहर सर्दियों में आने की आशंका जताई जा रही है. डॉ. शर्मा ने शुक्रवार को एक बयान में कहा,‘‘ विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर आ सकती है, इसलिए लोगों को बहुत सतर्क रहना होगा, मास्क (Masks) पहनना होगा, सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी और खुद को सुरक्षित रखने के लिए बार-बार हाथ धोना होगा.’’

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में मौसमी बीमारियों स्वाइन फ्लू, डेंगू, सर्दी और खांसी, प्रदूषण आदि के मामलों में वृद्धि होगी, जो गंभीर है और अगर प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, तो कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले निश्चित रूप से बढ़ जाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर लोग मास्क पहनते हैं और एक महीने तक अनुशासन बनाए रखते हैं तो कोरोना वायरस से संक्रमण की कड़ी टूट सकती है. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की राय में टीका की तुलना में मास्क बेहतर हैं क्योंकि टीका का प्रभाव 60 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा, लेकिन नियमित रूप से मास्क पहनने से संक्रमण की संभावना 90 प्रतिशत तक कम हो सकती है.

आंदोलन शुरू किया था जिसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो अक्टूबर को कोरोना वायरस के खिलाफ जन जागरूकता आंदोलन शुरू किया था जिसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है और लोगों को मास्क पहनने के महत्व के बारे में बताया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और पश्चिमी देश कोरोना वायरस से संक्रमण की दूसरी और तीसरी लहर देख रहे हैं और पहले चरण की तुलना में मामलों में दो से तीन गुना वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा राजस्थान में लोगों को मास्क पहनने की आदत विकसित करनी होगी. शर्मा ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन संक्रमण का प्रभाव बहुत गंभीर हैं. क्योंकि वायरस मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे, फेफड़े और अग्नाशय को ठीक होने के बाद प्रभावित कर रहा है.
पूरे राज्य में विशेष क्लीनिक खोले हैं


उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में विशेष क्लीनिक खोले हैं जिसमें मरीज एक महीने तक कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के बाद किसी भी परीक्षण और जटिलताओं के लिए डॉक्टरों से परामर्श कर सकते हैं. शर्मा ने कहा यदि कोरोना वायरस से संक्रमण की दूसरी लहर आती है तो राजस्थान तैयार है. उन्होंने कहा कि हमारे पास अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में आईसीयू बिस्तर, ऑक्सीजन सुविधा युक्त और सामान्य बिस्तर हैं.
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