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Bharat Jodo Yatra: राजस्थान में आज प्रवेश करेंगे राहुल, 33 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी यात्रा

राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राजस्थान के 33 जिलों में से 6 जिले कवर करेंगे.

राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राजस्थान के 33 जिलों में से 6 जिले कवर करेंगे.

Bharat Joda Yatra to be enter Rajasthan today: राजस्थान कांग्रेस में चल रहे अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के विवादों (Asho ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

भारत जोड़ो यात्रा झालावाड़ के रास्ते से करेगी राजस्थान में प्रवेश
यात्रा राजस्थान के 6 जिलों के 33 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी
यात्रा के दौरान राजस्थान पहला प्रदेश है जहां पर कांग्रेस की सरकार है

जयपुर. राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) आज राजस्थान में प्रवेश करेगी. उसके बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की यह यात्रा आगामी 18 दिनों तक राजस्थान में रहेगी. भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के 6 जिलों से गुजरेगी. इन छह जिलों में राहुल गांधी की यह यात्रा 33 विधानसभा क्षेत्रों में जाएगी. राजस्थान में राहुल गांधी का सफर 495 किलोमीटर रहेगा. इन 33 विधानसभा क्षेत्रों में 6 मंत्रियों की साख दांव पर रहेगी. इन 33 विधानसभा क्षेत्रों में से 18 पर कांग्रेस काबिज है. इसलिए कांग्रेस के इन 18 विधायकों के लिए भी यह यात्रा बेहद अहम है.

कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के जरिए मंत्रियों की परफोर्मेंस पर भी नजर रखने वाली है. इसकी वजह एकदम साफ है कि यह यात्रा पहली बार कांग्रेस शासित प्रदेश से होकर गुजरेगी. राहुल गांधी की अगुवाई में निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा में राजस्थान के 33 जिलों में से 6 जिले कवर हो रहे हैं. इनमें 33 विधानसभा क्षेत्र आते हैं. यात्रा झालावाड़ के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करेगी. इस जिले में चार विधानसभा सीटें आती हैं. लेकिन यहां से कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है. चारों सीटें बीजेपी के पास हैं. वहीं कोटा जिले में छह सीटें हैं. उनमें से 3 पर कांग्रेस काबिज है तो तीन पर बीजेपी. यहां से यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की साख कोटा संभाग के लिहाज से दांव पर है.

मंत्री भाया और चांदना की भी है अग्नि परीक्षा
वहीं दूसरे नंबर पर खान मंत्री प्रमोद जैन भाया का नाम आता है. उन्हें यात्रा के मद्देनजर झालावाड़ जिले की जिम्मेदारी मिली है. भाया इस यात्रा के लिए बनी समन्वय समिति में भी शामिल हैं. यात्रा के कोटा संभाग के बूंदी जिले में प्रवेश करते खेल मंत्री अशोक चांदना का नाम भी इसमें जुड़ जाएगा. बूंदी जिले में तीन विधानसभा सीटों में से एक पर ही कांग्रेस काबिज है. वहां से अशोक चांदना विधायक हैं. इसके बाद सवाई माधोपुर में चार सीटों में से तीन पर कांग्रेस काबिज है और एक पर निर्दलीय है. इस जिले से मंत्रिमंडल में किसी को भी जगह नहीं मिली हुई है.

सबसे ज्यादा अलवर जिले के विधानसभा क्षेत्र कवर होंगे
उसके बाद दौसा जिले का नंबर आएगा. वहां पर 5 सीटों में से 4 पर कांग्रेस काबिज है. एक पर निर्दलीय है. इस जिले से भी दो मंत्री आते हैं. इनमें पहले चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा हैं तो दूसरे मुरारीलाल मीणा हैं. लेकिन यह जयपुर संभाग का जिला होने के कारण इस यात्रा में जयपुर के चार मंत्रियों का भी नाम जुड़ जाता है. इनमें मंत्री डॉ. महेश जोशी, प्रतापसिंह खाचरियावास, लालचंद कटारिया और राजेन्द्र यादव शामिल हैं. भारत जोड़ो यात्रा के रूट में सबसे ज्यादा 11 विधानसभा सीटें अलवर जिले की आएंगी. उनमें से 7 कांग्रेस के पास है और दो बीजेपी के पास. इनके अलावा दो पर निर्दलीय काबिज हैं. इस जिले से भी गहलोत कैबिनेट में दो मंत्री हैं. इनमें शकुंतला रावत और टीकाराम जूली का नाम शामिल है.

राजस्थान से इसलिए अपेक्षाएं ज्यादा है
भारत जोड़ो यात्रा में प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की साख दांव लगी है. इसकी बड़ी वजह यह है की भारत जोड़ो यात्रा के अब तक के सफर में राजस्थान ऐसा पहला प्रदेश है जहां कांग्रेस का शासन है. लिहाजा प्रदेश के जिन जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से भारत जोड़ो यात्रा निकले वहां पर भीड़ दूसरे राज्यों की अपेक्षा ज्यादा नजर आनी चाहिए. वहीं किसी भी तरह का कोई विवाद यात्रा के दौरान सामने नहीं आना चाहिए. हालांकि यात्रा से पहले केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस के अंदर चल रही गहलोत और पायलट की गुटबाजी को हाथ उठवाकर कम करने की कोशिश की लेकिन यह कितनी कम हुई यह यात्रा में ही पता चल पाएगा.

राहुल और धारीवाल की मुलाकात भी रहेगी खास
दूसरी तरफ बीते 25 सितंबर को उठे सियासी तूफान में शामिल रहे यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल भी यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं. धारीवाल पार्टी की अनुशासनहीनता के दायरे में भी हैं. ऐसे में कोटा में राहुल गांधी और धारीवाल के बीच की मुलाकात भी खास मायने रखेगी. इसमें धारीवाल अपने ऊपर लगे दाग धोने की कोशिश में रहेंगे. बहरहाल पार्टी गहलोत बनाम पायलट विवाद में एकजुट होने का दावा तो कर रही है लेकिन यह कितना सही साबित होगा आने वाला समय ही बताएगा.

Tags: Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot, Bharat Jodo Yatra, Jaipur news, Rahul gandhi, Rajasthan Congress, Rajasthan Politics

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