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Railway: NWR ने सभी सिग्नल किए इलेक्ट्रिफाइड, बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड, बचेगा यात्रियों का समय

NWR के जोधपुर मंडल के तहत आशापुर गोमट पर लगे आखिरी मेन्यूल सिग्नल को भी गिरा दिया गया है.

NWR के जोधपुर मंडल के तहत आशापुर गोमट पर लगे आखिरी मेन्यूल सिग्नल को भी गिरा दिया गया है.

NWR removed old signal system: उत्तर पश्चिम रेलवे ने बड़ी उपलब्धि (Big achievement) हासिल करते हुए अपने चारों मंडलों के ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

NWR ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
NWR के चारों मंडलों के सिग्नल सिस्टम हुए अपडेट
अब सिग्नल को क्रॉस करते समय कम नहीं होगी ट्रेन की स्पीड

जयपुर. उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने चारों रेल मंडलों को इलेक्ट्रिक सिग्नल से लैस (Electric signal) कर दिया है. इससे पहले मैन्यूल सिग्नल के सहारे ट्रेनों को चलाया जाता था. लेकिन अब सभी ट्रेनें इलेक्ट्रिक सिग्नल से चलेंगी. इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और समय की बचत होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को होगा कि वे कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे. वहीं रेलवे को भी कई तरह की सहूलियत मिलेगी. यह सिस्टम रेलवे और यात्रियों दोनों को काफी राहत देने वाला साबित होगा.

आपने ट्रेन में सफर करते हुए अक्सर पटरियों के किनारे लगे सिग्नल देखे होंगे. इन सिग्नल को देखकर ही ट्रेन रवाना होती है और रुकती है. अब तक ये सिग्नल मैन्यूल हुआ करते थे. इसमें लोको पायलट एक टोकन लेकर स्टेशन से रवाना होता था और अगले स्टेशन पर स्टेशन मास्टर को ये टोकन दिया करता था. स्टेशन मास्टर उस टोकन को देखकर सिग्नल देता था और फिर ट्रेन रवाना होती थी. लेकिन बरसों पुरानी इस तकनीक को अब रेलवे ने खत्म कर दिया है. अब सभी सिग्नल इलेक्ट्रिकफाइड हो चुके हैं.

सिग्नल बदलने का काम काफी समय से चल रहा था
उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशि किरण ने बताया कि NWR में मेन्यूल सिग्नल बदलने का काम काफी समय से चल रहा था. जोधपुर मंडल के तहत आशापुर गोमट पर लगे आखिरी मेन्यूल सिग्नल को भी गिरा दिया गया है. इसकी जगह अब इलेक्ट्रिक सिग्नल ने ले ली है. पुरानी तकनीक के टोकन सिस्टम को खत्म करते हुए अब स्टेशन मास्टर के पास सिग्नल की जानकारी पहले से होगी. वह बिना टोकन लिए ट्रेन को पास दे सकता है. इससे ट्रेन को बार-बार धीरे करने की जरुरत नहीं होगी. वह द्रुत गति से सिग्नल को पार करेगी. देश के सभी रेलवे जोन में मेन्यूल सिग्नल खत्म करने का काम जोरों पर है.

अब सिग्नल पर धीमी नहीं होगी ट्रेन की स्पीड
मैन्यूल सिग्नल में होने वाली देरी के कारण ट्रेनें देरी से चलती थी. इसकी वजह से ट्रेन स्टाफ का वक्त सिर्फ नियमों को मानने और उनकी औपचारिकता निभाने में खर्च हो जाता था. लेकिन अब NWR में यह सिस्टम खत्म हो गया है. पहले पुराने सिस्टम के कारण सिग्नल क्रॉसिंग से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेनें भी नए सिग्नल के कारण वहां भी 110 किलोमीटर प्रति घंटा दौड़ पाएंगी. इसकी वजह से यात्रियों का आधा समय बच जाएगा. वहीं रेलवे सिस्टम में भी बड़ा बदलाव आएगा.

Tags: Good news, Indian Railway news, Jaipur news, Rajasthan news

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