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जयपुर: रेल यात्रियों के लिए वरदान है रेलवे का 'MADAD' ऐप , आप भी उठा सकते हैं इसका फायदा, जानिये कैसे

इसमें यात्रियों को अपना नाम और मोबाइल नंबर भरना होता है.  इसके बाद ओटीपी की मदद से लॉग-इन कर सकते हैं.
इसमें यात्रियों को अपना नाम और मोबाइल नंबर भरना होता है. इसके बाद ओटीपी की मदद से लॉग-इन कर सकते हैं.

Indian Railway Service: भारतीय रेलवे का मदद (MADAD) ऐप यात्रियों की लिये बेहद मददगार साबित हो रहा है. इस ऐप के जरिये यात्रियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा रहा है

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जयपुर. भारतीय रेल (Indian Railways) नित नए नवाचार कर रहा है. इसी के तहत रेलवे का 'मदद' (MADAD) ऐप यात्रियों के लिए वरदान साबित हो रहा है. उत्तर पश्चिमी रेलवे के मुताबिक इसके जरिये शिकायतों का समाधान एक घंटे से भी कम समय में किया जा रहा है. इस ऐप के चलते रेल यात्रियों का सफर पहले की बजाय ज्यादा आसान हुआ है. इसके लिये यात्री रेलवे  का 'रेल मदद’ ऐप का उपयोग कर सकते हैं. रेल यात्री अथवा ग्राहक इस ऐप से अपनी शिकायतें, पूछताछ और सहायता का लाभ उठा सकते हैं.

भारतीय रेलवे रेल मदद (MADAD- Mobile Application for Desired Assistance During travel) से यात्रियों की शीघ्र मदद करता. इस पर प्राप्त शिकायत के बारे में रेलकर्मी संबंधित यात्री को फोन कर कारण पूछता है. कोई भी समस्या होती है तो उसका तत्काल निस्तारण किया जाता है. इस पर रेलवे सुझाव को भी स्वीकार करता है.

इसमें हर समस्या के निस्तारण की समय सीमा भी निर्धारित है
NWR के सीपीआरओ लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार रेलवे बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर 139 की तरह शिकायत और सुझाव के सभी माध्यमों को 'रेल मदद’ पोर्टल के एप में समायोजित कर दिया है. अब यात्री मोबाइल, लैपटाप या कम्प्यूटर पर ‘रेल मदद’ पोर्टल या एप के माध्यम से रेलवे तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं. इसमें रेलवे ने हर समस्या के निस्तारण की समय सीमा भी निर्धारित कर रखी है. यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं होता है तो शिकायत उच्च अधिकारी तक पहुंचती जाती है उसकी जवाबदेही भी तय होती है. इसके साथ ही निस्तारण की सूचना शिकायतकर्ता को देते हुए उससे फीडबैक भी मांगा जाता है. ‘रेल मदद’ एप को एनटीईएस (NTES), पीआरएस (PRS), यूटीएस (UTS) और आईसीएमएस (ICMS) से जोड़ा गया है. इस एप पर शिकायतें आसानी से दर्ज हो जाती हैं.
रेलवे को रियलटाइम शिकायत मिलती है


इसमें यात्रियों को अपना नाम और मोबाइल नंबर भरना होता है. इसके बाद ओटीपी की मदद से लॉग-इन कर सकते हैं. शिकायत करने के लिए यात्रियों को अपना PNR/UTS टिकट नंबर डालना होता है. इसके बाद शिकायत की सूची स्क्रीन पर दिखाई देती है. सूची से इच्छित शिकायत दर्ज की जा सकती है. इस एप के जरिये संबंधित व्यक्ति अपनी शिकायत करते हुए तस्वीर भी अपलोड कर सकते हैं. इससे रेलवे को रियलटाइम शिकायत मिलती है और आप लगातार अपनी शिकायत पर फीडबैक को ट्रैक भी कर सकते हैं.

दिसंबर में 38 मिनट औसत समय में किया गया शिकायत का समाधान
इस एप के जरिये जनरल डिब्बे में सफर कर रहे यात्री भी शिकायत कर सकते हैं. उत्तर पश्चिम रेलवे पर ‘रेल मदद’ पोर्टल या एप से 2020 में जनवरी से दिसंबर माह तक कुल 9597 शिकायतें प्राप्त की गई. NWR का दावा है कि सभी शिकायतों का समाधान कर दिया गया है. इस अवधि में शिकायतों के समाधान की औसत अवधि 56 मिनट रही है. दिसंबर 2020 में ही कुल 806 शिकायतें प्राप्त हुई. उनके समाधान 38 मिनट औसत समय में किया गया. उत्तर पश्चिम रेलवे शिकायतों के निपटारे में भारतीय रेलवे स्तर पर तीसरे पायदान पर है.
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