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ऑनलाइन होगी राजस्‍थान के 41 हजार किलोमीटर सड़कों की डिटेल!

ऑनलाइन होगी राजस्‍थान के 41 हजार किलोमीटर सड़कों की डिटेल!

सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में 41,370 किलोमीटर की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) वाली गारंटी अवधि की सड़कों की संपूर्ण जानकारी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में 41,370 किलोमीटर की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) वाली गारंटी अवधि की सड़कों की संपूर्ण जानकारी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में 41,370 किलोमीटर की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) वाली गारंटी अवधि की सड़कों की संपूर्ण जानकारी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में 41,370 किलोमीटर की डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) वाली गारंटी अवधि की सड़कों की संपूर्ण जानकारी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

युनूस खान प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अजमेर जिले में गारंटी अवधि की सड़कों का पेचवर्क अथवा अन्य रखरखाव का काम नहीं कराने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केकड़ी और विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए भी डीएलपी सड़कों की शिकायतों की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सार्वजनिक निर्माण मंत्री ने कहा कि सड़कों के गुणवत्ता नियंत्रण की जांच की गई एवं मापदंडों के अनुसार काम नहीं करने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि एक संवेदक को नोटिस देकर उसकी बैंक गारंटी भी जब्त की गई। कोर्ट ने राशि वसूल करने को लेकर स्टे दिया है लेकिन अन्य मामलों में उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

खान ने जानकारी दी कि वर्ष 2011-12 में केकड़ी में सड़क निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपए की सीआरएफ राशि का पूर्ण उपयोग नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि सांगानेर-मालपुरा-केकड़ी एवं अन्य स्थानों से होकर जाने वाली सड़क के लिए 7 करोड़ रुपए की सीआरएफ राशि में से केकड़ी में 3 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। शेष 4 करोड़ रुपए लैप्स हो गए। उन्होंने कहा कि इस राशि को फिर से आवंटित कराया जाना मुश्किल है फिर भी इसके लिए पुन: प्रयास किए जाएंगे।

जिन संवेदकों ने गारण्टी अवधि में सड़कों का रख-रखाव नहीं किया उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने जानकारी दी कि जिला अजमेर में इन प्रकरणों में किसी फर्म या संवेदक को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है। उन्होंने संवेदकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण भी सदन की मेज पर रखा।

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