गुर्जर आंदोलन : राजस्थान अलर्ट, पुलिस के साथ राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भी संभालेंगे मोर्चा

आज और कल में आंदोलन को लेकर सरकार तथा गुर्जर समाज के नेताओं के बीच अगर बात नहीं बनी तो प्रदेश में फिर से जाम के हालात हो सकते हैं. (फाइल फोटो)
आज और कल में आंदोलन को लेकर सरकार तथा गुर्जर समाज के नेताओं के बीच अगर बात नहीं बनी तो प्रदेश में फिर से जाम के हालात हो सकते हैं. (फाइल फोटो)

किसी भी अप्रिय हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस अफसरों के साथ-साथ राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को भी गुर्जर प्रभावित क्षेत्रों में लगा दिया है. ये RAS अधिकारी कोऑर्डिनेशन का काम संभालेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 6:24 PM IST
  • Share this:
जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) एक बार फिर गुर्जर आरक्षण आंदोलन (Gujjar Reservation Movement) के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है. गुर्जर समाज ने गहलोत सरकार (Gehlot Government) पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते फिर से आंदोलन की हुंकार भर दी है. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला (Kirori Singh Bainsla) द्वारा 1 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश की गहलोत सरकार ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है. किसी प्रकार के अप्रिय हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस अफसरों के साथ-साथ राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के अफसरों को भी गुर्जर प्रभावित क्षेत्रों में लगा दिया है. ये RAS अधिकारी कोऑर्डिनेशन का काम संभालेंगे और संबंधित जिला कलेक्टर को रिपोर्ट देंगे.

इन अफसरों की लगाई गई है ड्यूटी
आरएएस एचएम ढाका, जगदीश प्रसाद बुनकर ओंकारमल, राजेंद्र कुमार वर्मा और श्याम सिंह शेखावत की ड्यूटी लगाई गई है. इस बारे में कार्मिक विभाग ने आदेश जारी कर दिया है.

4 आरएएस को लगाया अलवर में
जिन चार आरएएस की ड्यूटी अलवर में लगाई गई है, उनके नाम हैं अखिलेश कुमार पीपल, रामस्वरूप चौहान, संजय शर्मा और रामानंद शर्मा. इनके अलावा जगदीश आर्य, बालकृष्ण तिवाड़ी, कैलाश गुर्जर और राजेंद्र शर्मा की ड्यूटी भरतपुर में लगाई गई है. धौलपुर में जगदीश सिंह मोंगा, सेवाराम स्वामी, सोहनलाल चौधरी और कृष्ण कुमार गोयल की ड्यूटी लगी है. इसी तरह महेंद्र खींची और सत्तार खान को दौसा की देखरेख की जिम्मेवारी सौंपी गई है. गोविंद सिंह राणावत की ड्यूटी बूंदी में लगाई गई. मुकेश मीणा, मुनीदेव यादव और प्रवीण लेखरा की ड्यूटी सवाई माधोपुर में तय की गई है.



गौरतलब है कि आरक्षण की मांग न माने जाने से नाराज गुर्जर समाज ने सड़क पर उतरने का ऐलान किया है. गुर्जर समाज ने भरतपुर जिले के बयाना स्थित पीलूपुरा से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 1 नवंबर को सुबह 10 बजे शहीद स्थल पर महापंचायत होगी. इसी दिन नगर निगम चुनावों के दूसरे चरण के तहत वोटिंग भी होनी है.

आंदोलन की चेतावनी से सरकार अलर्ट
उल्लेखनीय है गुर्जर आंदोलन के पूर्व के अनुभव को देखते हुए राज्य सरकार इस बार अपनी ओर से तैयार है. वह बातचीत के रास्ते तलाश रही है, लेकिन गुर्जर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. हालांकि, गुर्जर नेताओं ने अभी तक अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया है, लेकिन गहलोत सरकार ने अपनी खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. वह पल-पल के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है. पुलिस-प्रशासन के अधिकारी सक्रिय हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज