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राजस्थानः '2018 तक सभी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से किया जाएगा मुक्त'

फोटो-(डीआईपीआर से)
फोटो-(डीआईपीआर से)

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा को पूरा करते हुए वर्ष 2018 के अंत तक राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा.

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  • Last Updated: January 12, 2017, 11:46 AM IST
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा को पूरा करते हुए वर्ष 2018 के अंत तक राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा. इसके लिए जिला कलेक्टरों एवं विकास अधिकारियों को गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए जाएंगे.

राठौड़ बुधवार को शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से बजट घोषणा एवं मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे.

उन्होंने बताया कि राज्य की 4 हजार 24 ग्राम पंचायतों को (ओडीएफ) खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है, जबकि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2500 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ कर दिया जाएगा. उन्होंने जो मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विकास अधिकारी इस कार्य में लापरवाही कर रहा है उसे तत्काल 16 सीसीए की चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए.



पंचायती राज मंत्री ने पुनर्गठन में 723 नवीन पंचायतों के भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित नहीं हुई है उनके लिए जिला कलेक्टर एवं सीईओ को भूमि आवंटन कराने के लिए पाबंद करें.
उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों के भवन भूमि आवंटन हो चुका है उसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी करें. उन्होंने नवीन 47 पंचायत समितियों के भवन निर्माण को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह में स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिए. तकनीकी अधिकारी द्वारा एक सप्ताह में स्वीकृतियां जारी नहीं करने पर उसे कार्यमुक्त करने के भी निर्देश दिए.

राठौड़ ने राजसमंद जिले के पिपलांत्री में बनाए जा रहे प्रशिक्षण केन्द्र की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उसे शीघ्र पूरा कराएं, बजट की और आवश्यकता हो तो तत्काल जारी करें. राठौड़ ने आदर्श गांव बसाने पर चर्चा करते हुए पुराने घरों को स्टेट ग्रान्ट एक्ट के प्रावधानों के अनुसार आवासीय पट्टे जारी करने, गांवों में आबादी विस्तार करने और भूमिहीनों को आवासीय भूमि आवंटित करने पर जोर दिया.

बैठक में नरेगा योजना में चरागाह एवं श्मशानों का सीमांकन करते हुए चारदीवारी निर्माण करने पर जोर देते हुए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए. बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुदर्शन सेठी ने बताया कि राज्य में पुनर्गठन में 723 ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है, जिसमें से 458 का भूमि अवंटन हो चुका है और 280 का भवन निर्माण की वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर 88 में कार्य शुरू कर दिया है.

उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग में 2072 तकनीकि अधिकारियों के पदों की जरूरत है, जिनको भरने के प्रयास किए जा रहे हैं. बैठक में जनता जल योजना, ग्राम मास्टर प्लान, सरपंचों का मानदेय बढ़ाने आदि की भी समीक्षा की गई. बैठक में पंचायती राज विभाग के आयुक्त आनन्द कुमार, ग्रामीण विकास के शासन सचिव राजीव सिंह ठाकुर, मनरेगा आयुक्त देवाशीष पृष्टि सहित ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
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