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Jaipur News: 10 फरवरी से शुरू होगा राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र, राज्यपाल से मिली मंजूरी

10 फरवरी से बजट सत्र की शुरूआत.
10 फरवरी से बजट सत्र की शुरूआत.

Rajasthan Assembly Budget Session: 10 फरवरी से बजट सत्र की शुरूआत होगी. राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने बजट सत्र पर अपनी मंजूरी दे दी है.

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जयपुर. राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र (Budget) को लेकर फैसला ले लिया गया है. 10 फरवरी से बजट सत्र की शुरूआत होगी. राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव राजभवन भेज दिया गया था.  राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने बजट सत्र पर अपनी मंजूरी दे दी है. राज्यपाल कलराज मिश्र ने पिछले पंचम विधानसभा सत्र का सत्रावसान कर दिया है. बजट सत्र आहूत करने को लेकर कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखा जाना था, लेकिन कांग्रेस विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के कारण कैबिनेट की बैठक को स्थगित कर दिया गया था. केबिनेट ने इस प्रस्ताव को सरकुलेशन के जरिए मंजूरी देकर गुरुवार को राजभवन भिजवा दिया था. इस सत्र में सरकार बजट पेश करेगी.

विधानसभा के सचिव प्रमिल कुमार माथुर ने बताया कि राज्‍यपाल कलराज मिश्र ने 21 जनवरी को पन्‍द्रहवीं राजस्‍थान विधानसभा के पंचम अधिवेशन का सत्रावसान कर दिया है. विधानसभा का पंचम सत्र 14 अगस्त को शुरू हुआ था और पांच बैठकों में तीन केन्द्रीय कृषि कानून को राज्य में लागू नहीं करने के लिये चर्चा और संशोधन के बाद दो नवंबर को सत्र समाप्त हो गया था.

नए विधानसभा भवन से जुड़ा एक मिथक



राजस्थान के नए विधानसभा भवन का डरावना मिथक पिछले 20 साल से कायम है. वो मिथक ये है कि नए विधानसभा भवन में एक कार्यकाल में 200 विधायक एक साथ नहीं बैठ पाए. साल 2000 में नए विधानसभा भवन का निर्माण श्मशान भूमि पर हुआ था. 2001 में इसमें विधायक इसमें शिफ्ट कर दिए गए. तभी से यह मिथक इसके साथ जुड़ गया और आज भी कायम है. पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने भी तो विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था और सदन को गंगाजल से धोने की मांग भी कर डाली थी. समय-समय पर इस भवन में पूजा-हवन करवाने की मांग भी उठती रही है.
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वर्ष 2000 में विधानसभा भवन का निर्माण हुआ लेकिन निर्माण के समय आधा दर्जन मजदूरों की विभिन्न कारणों से मौत हुई. यह भवन 17 एकड़ में फैला है. नए विधानसभा भवन से 200 मीटर दूरी पर अब भी श्मशान घाट है. पास में ही एक मजार भी है. बिना उद्घाटन के ही विधानसभा शुरू हुई थी क्योंकि 25 फरवरी 2001 को तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन को नए विधानसभा भवन के उद्घाटन समारोह में बीमारी की वजह से शामिल नहीं हो पाए थे.
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