राजस्थान विधानसभा उपचुनाव : मतदाताओं के सामने आएगा उम्मीदवार का आपराधिक इतिहास

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आपराधिक मामलों की जानकारी उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक करनी होगी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आपराधिक मामलों की जानकारी उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक करनी होगी.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि खुद पर दर्ज मामलों की जानकारी उम्मीदवार और पार्टी को पहुंचानी होगी मतदाताओं तक. इसके लिए देने होंगे अखबार और टीवी में विज्ञापन.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 8:04 PM IST
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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के तीन विधानसभाओं में होने वाले उपचुनाव-2021 (Rajasthan Assembly by-election) में ऐसे उम्मीदवार जिनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज है, उसकी सूचना (Notice) प्रिन्ट मीडिया (print media) में कम से कम तीन बार अलग-अलग तारीखों में प्रकाशित और इलेक्ट्रोनिक मीडिया (electronic media) में निर्वाचन क्षेत्र (constituency) में अनिवार्य रूप से प्रसारित करवानी होगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी और राजनीतिक दलों द्वारा पहला प्रचार नाम वापसी के प्रथम चार दिनों में यानी (4 से 7 अप्रैल के मध्य), दूसरा प्रचार अगले 5 से 8 दिनों के बीच यानी (8 से 11 अप्रैल के मध्य) और तीसरा प्रचार 9वें दिन से प्रचार अभियान के अंतिम दिन तक (मतदान दिवस से दो दिन पूर्व यानी 12 से 15 अप्रैल के मध्य) करना होगा. आपराधिक रिकॉर्ड की सूचना न्यूनतम 75000 से अधिक प्रसार वाले राष्ट्रीय स्तर (3 से अधिक संस्करण) के दैनिक समाचार पत्र (सूचना एवं जनसपंर्क से पंजीकृत) के किसी एक संस्करण में और 25000 प्रसार वाले किसी स्थानीय दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित करवानी होगी.

दलों को अपनी वेबसाइट पर देना होगा विवरण

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों को अब अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर अनिवार्य रूप से उसके उम्मीदवारों पर लंबित आपराधिक मामलों समेत पूरा विवरण प्रकाशित करना होगा. ऐसे उम्मीदवारों के चयन की वजहों के बारे में भी सूचित करना होगा ताकि मतदाता को पूरी जानकारी मिल सके और वे उचित उम्मीदवार का चयन कर सकें.

सोशल मीडिया मंचों पर भी सूचना प्रसारित करनी होगी
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुणाल ने बताया कि अभ्यर्थी द्वारा फॉर्मेट सी-1 में और राजनैतिक दल द्वारा फॉर्मेट सी-2 में आपराधिक रिकार्ड की सूचना निर्वाचन प्रचार अवधि के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय या स्थानीय समाचार पत्रों में और उन संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध लोकप्रिय राष्ट्रीय या स्थानीय टीवी चैनलों में प्रसारित किया जाएगा. प्रसारण प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे के बीच करवाना होगा. न्यूनतम अवधि 7 सेकंड्स होनी चाहिए और इस प्रचार का फोंट साइज कम से कम 12 फोंट होना चाहिए. नाम वापस लेने की अन्तिम तिथि के बाद और मतदान की तिथि से दो दिन पहले के दौरान तीन अवसरों पर अलग-अलग तिथियों में यह प्रकाशित या प्रसारित करवाना होगा. राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट, स्थानीय भाषा और राष्ट्रीय भाषा के एक समाचार पत्र सहित फेसबुक और ट्विटर जैसे आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर भी सूचना प्रसारित करनी होगी.
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