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Rajasthan by-election: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, सीमित संख्या में ही आ पाएंगे स्टार प्रचारक

उम्मीदवारों की खर्च सीमा को 28 लाख से बढ़ाकर 30.80 लाख कर दिया गया है.

उम्मीदवारों की खर्च सीमा को 28 लाख से बढ़ाकर 30.80 लाख कर दिया गया है.

Rajasthan Assembly by-polls: कोरोना महामारी के मद्देनजर इस बार भारत चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने 2 बड़े फैसले लिए हैं. इस बार चुनावों में जहां स्टार प्रचारकों की संख्या सीमित कर दी गई है, वहीं प्रत्याशी की चुनाव खर्च सीमा को बढ़ा दिया गया है.

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जयपुर. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) प्रदेश के 4 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों (Rajasthan Assembly by-election) की तारीखों का ऐलान कभी भी कर सकता है. कोरोना महामारी (COVID-19) के बाद प्रदेश में पहली बार सुजानगढ़, वल्लभनगर, राजसमंद और सहाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होंगे. कोरोना को देखते हुए उम्मीदवारों के लिए आने वाले स्टार प्रचारकों की संख्या को सीमित कर दिया गया है. वहीं प्रत्यााशियों की चुनावी खर्च सीमा को बढ़ा दिया गया है.

चुनाव आयोग के मुताबिक राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों के लिये इनकी संख्या को 40 से घटाकर 30 किया गया है. वहीं अन्य राजनैतिक दल 20 के मुकाबले केवल 15 स्टार प्रचारकों को ही प्रचार के लिए बुला सकेंगे. इसके अलावा प्रचारकों की सूची भी चुनाव की घोषणा के 10 दिन के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपनी होगी. इस उपचुनाव में कोरोना की वजह से होने वाले अतिरिक्त खर्चे को देखते हुए उम्मीदवारों की खर्च सीमा को 28 लाख से बढ़ाकर 30.80 लाख कर दिया गया है.

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रियल टाइम वोटर टर्न आउट का पता चल सकेगा
प्रदेश में हो रहे उप चुनाव में इस बार रियल टाइम वोटर टर्न आउट जानने के लिए ‘बूथ एप‘ का भी इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें प्रत्येक मतदाता की वोटर पर्ची स्कैन हो सकेगी. इससे चुनाव का रियल टाइम वोटर टर्न आउट का पता चल सकेगा.

मतदान केंद्र पर तीसरी पंक्ति भी दिखाई देगी
मतदाता घर बैठे भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार किए वेबपोर्टल और मोबाइल एप पर जाकर अपना नामांकन दर्ज करवा सकेंगे और शपथ पत्र भी ऑनलाइन दे सकेंगे. अमूमन मतदान के लिए मतदान केन्द्रों पर महिला व पुरुषों की केवल दो पंक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इस बार के उपचुनाव में कोरोना को देखते हुए मतदाताओं को तीसरी पंक्ति भी नजर आएगी. इसमें सीनियर सिटीजन और दिव्यांग मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. बीजेपी और कांग्रेस को बेसब्री से इन उपचुनावों का इंतजार है.
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