राजस्थान विधानसभा उपचुनाव: सहाड़ा में हनुमान बेनीवाल और बागी ने बढ़ाई BJP की टेंशन

रूपलाल को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो हनुमान बेनीवाल ने मौके भुनाने के लिए रूपलाल के भाई बद्रीलाल जाट को अपनी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से सहाड़ा से मैदान में उतार दिया.

रूपलाल को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो हनुमान बेनीवाल ने मौके भुनाने के लिए रूपलाल के भाई बद्रीलाल जाट को अपनी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से सहाड़ा से मैदान में उतार दिया.

Rajasthan Assembly by-election: भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा सीट पर मुकाबला खासा रोचक हो गया है, यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने बड़ा दांव खेलकर बीजेपी को चुनौती दी है. वहीं बागी पीतलिया ने भी बीजेपी की टेंशन बढ़ा दी है.

  • Share this:
जयपुर. केन्द्रीय कृषि कानून (Central agricultural law) के विरोध में एनडीए से नाता तोड़ने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने सहाड़ा, राजसमंद और सुजानगढ़ सीट पर ऐसे उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जो बीजेपी (BJP) को चोट दे सकें. बेनीवाल उपचुनाव में बीजेपी को सबक सिखाकर राजस्थान की सियासत में खुद को बड़े खिलाड़ी की भूमिका में दिखाना चाहते हैं.

आरएलपी ने सहाड़ा से जाट समुदाय के बद्रीलाल जाट और राजसमंद में गुर्जर समुदाय के प्रहलाद खटाना को मैदान में उतार कर अपने इरादे जाहिर कर दिये हैं. वहीं, बीजेपी के सामने सहाड़ा सीट पर एक और मुश्किल आन पड़ी है. वह है सहाड़ा विधानसभा सीट पर उनकी ही अपनी पार्टी के बागी लादूलाल पीतलिया. लादूलाल के मैदान में कूदने से बीजेपी के मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

जाट और ब्राह्मण मतदाताओं का प्रभाव

सहाड़ा में बीजेपी ने रतनलाल जाट को टिकट दिया. जाट वसुंधरा राजे के समर्थक माने जाते रहे हैं. वे 2006 में राज्य बीज निगम के अध्यक्ष रहे हैं. जाट समुदाय से टिकट देने की मजबूरी के चलते बीजेपी के पास रतनलाल जाट के अलावा कोई मजबूत विकल्प नहीं था. सहाड़ा सीट पर जाट और ब्राह्मण दो जातियों के मतदाताओं का प्रभाव है.
इसलिये बीजेपी से बागी हुए पीतलिया

बीजेपी को पीतलिया की बगावत से डर इसलिए भी है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय वे 30 हजार वोट लेने में कामयाब रहे थे. अनुसूचित जाति-जाति में पीथलिया का प्रभाव है. सहाड़ा सीट पर एससी-एसटी के करीब 60 हजार वोट माने जाते हैं. इसी वजह से दो महीने पहले ही बीजेपी ने पीतलिया को पार्टी में शामिल किया था, लेकिन टिकट नहीं मिला तो वे बागी हो गए.

बेनीवाल ने उठाया मौके का फायदा



2018 के विधानसभा चुनाव में सहाड़ा से बीजेपी के प्रत्याशी रूपलाल जाट रहे थे. रूपलाल तब चुनाव हार गए थे. वे इस बार भी दावेदार थे. रूपलाल को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो हनुमान बेनीवाल ने मौके भुनाने के लिए रूपलाल के भाई बद्रीलाल जाट को अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से सहाड़ा से मैदान में उतार दिया.

कांग्रेस ने समय रहते किया डैमेज कंट्रोल

सहाड़ा सीट पर कांग्रेस ने पूर्व दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी को मैदान में उतारा है. सहाड़ा में कांग्रेस की उम्मीद सहानूभूति, बीजेपी के बागी और बीजेपी की फूट पर टिकी है. बागी का खतरा कांग्रेस को भी था लेकिन उसने समय रहते डैमेज कंट्रोल कर लिया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज