राजस्थान विधानसभा उपचुनाव: जानिए तैयारियों में जुटी कांग्रेस के क्या हैं मजबूत और कमजोर पक्ष

पार्टी गहलोत और पायलट खेमे में बंटी हुई है. इसका पार्टी को नुकसान होगा.

पार्टी गहलोत और पायलट खेमे में बंटी हुई है. इसका पार्टी को नुकसान होगा.

Rajasthan assembly by-election: चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस (Congress) के सामने कई चुनौतियां हैं. वहीं कई ऐसे पक्ष हैं जो उसे इन चुनावों में मजबूती प्रदान करेंगे.

  • Share this:
जयपुर. प्रदेश में 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव (Rajasthan assembly by-election) होने हैं. इनमें से 3 सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान भी कर दिया गया है. सत्तारूढ़ कांग्रेस (Congress) इन चुनाव को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाए है. पार्टी ने इन सीटों के लिए प्रभारियों और पर्यवेक्षकों की नियुक्तियां पहले ही कर दी है. लगातार जनता की नब्ज टटोल रहे हैं. वहीं उम्मीदवारों के चयन का काम बड़े स्तर पर जारी है.

कांग्रेस उपचुनाव में चारों सीटें जीतने का दावा कर रही है. हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव के नतीजे भी कांग्रेस के पक्ष में आए थे. उसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है जो पार्टी के लिए फायदेमंद होगा. उधर पार्टी में धडेबंदी जैसी कुछ समस्याएं भी हैं जो नुकसान कर सकती है. उपचुनाव में पार्टी के मजबूत और कमजोर कमजोर पक्षों को देखा जाए तो वे इस प्रकार हैं.

ये है कांग्रेस के 5 मजबूत पक्ष

- प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार है. इसका पार्टी को फायदा मिलेगा. क्षेत्र के विकास के लिए लोग कांग्रेस के साथ जाना पसंद करेंगे.
- जिन 4 सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें से तीन कांग्रेस के पास थी. इन सीटों पर पार्टी को सहानुभूति के वोट मिलेंगे.

- कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन का पार्टी को फायदा मिलेगा.

- बहुजन समाज पार्टी ने उपचुनाव में अपने उमीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है इसका फायदा भी कांग्रेस को मिलेगा.



- कांग्रेस ने इन चुनावों की तैयारी काफी पहले से ही शुरू कर दी थी. इसका बड़ा फायदा कांग्रेस मिलेगा.

ये है 5 कमजोर पक्ष

- पार्टी में गहलोत और पायलट खेमे है. इसका पार्टी को नुकसान होगा.

- उपचुनाव में एंटी इनकंबेंसी झेलनी पड़ सकती है.

- हाल ही में कुछ विधायकों ने एससी-एसटी के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया था. वो नुकसान पहुंचा सकता है.

- ढाई साल बाद भी सरकार में राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होने से कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है.

- कांग्रेस टिकट चाहने वालों की लंबी कतार है, इससे उसे बगावत का सामना करना पड़ सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज