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राजस्थान विधानसभा उपचुनाव: गहलोत के इन बड़े निर्णयों से है कांग्रेस को अपने 'कल्याण' की उम्मीद

उपचुनाव से पहले आए राज्य बजट में सीएम अशोक गहलोत ने 943 घोषणाएं कर सबको चौंका दिया था.

उपचुनाव से पहले आए राज्य बजट में सीएम अशोक गहलोत ने 943 घोषणाएं कर सबको चौंका दिया था.

Rajasthan assembly by-election: पिछले दिनों में सीएम अशोक गहलोत ने कई अहम फैसले लेकर विभिन्न वर्गों को साधने का प्रयास किया है. कांग्रेस को उम्मीद है कि गहलोत (Ashok Gehlot) के ये फैसले उसकी चुनावी वैतरणी का पार लगायेंगे.

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जयपुर. प्रदेश में तीन सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव (Rajasthan assembly by-election) में गहलोत गेमचेंजर (Gamechanger Gehlot) साबित होंगे ! पिछले दिनों में गहलोत सरकार ने कई बड़े और अहम फैसले किए हैं जिनसे उपचुनाव में कांग्रेस (Congress) को सीधा फायदा मिलने की संभावनायें जताई जा रही है. गहलोत सरकार द्वारा किए गये इन फैसलों से कांग्रेस  को उपचुनाव में अलग-अलग वर्गों को साधने में मदद मिलेगी. खास तौर से कुछ बड़े निर्णय उपचुनाव में पार्टी को बड़ा फायदा दिलाएंगे.

गहलोत सरकार के इन बड़े कार्यों और उपलब्धियों को कांग्रेस फील्ड में जाकर बता रही है और इनके बूते वोट हासिल करने की जुगत में लगी है. खास तौर से ईडब्लयूएस वर्ग को आयु तथा शुल्क में छूट और मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना जैसे बड़े फैसले कांग्रेस के लिए उपचुनाव में संजीवनी साबित हो सकते हैं.

ये बड़े निर्णय दिला सकते हैं फायदा
- ईडब्ल्यूएस वर्ग को अन्य आरक्षित वर्ग की तरह आयु और शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है.
- गहलोत सरकार के इस फैसले से पार्टी को सवर्ण वर्ग का साथ मिलने की उम्मीद है.


- मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान किया गया है.
- गहलोत ने योजना के लिए ई-मित्र पर पंजीयन में लगने वाला शुल्क भी हटा दिया है.
- हर आम आदमी को राहत देने वाले इस बड़े कदम से पार्टी को चुनावी फायदा मिलने की उम्मीद है.
- प्रशासन गांवों के संग अभियान के ऐलान से ग्रामीण मतदाताओं का साथ पार्टी को मिलने की उम्मीद.
- भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी के गठन का सरकार ने निर्णय लिया है.
- उपचुनाव से पहले बेरोजगारों के कई मुद्दों को लेकर भी सीएम से वार्ता से दौरान सहमति बनी.
- इन फैसलों से पार्टी को बेरोजगार और युवा वर्ग का साथ मिलने की संभावना जताई जा रही है.
- एमबीसी आरक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी का निर्णय लिया गया.
- इससे गुर्जर वोटों के साथ ही एमबीसी में शामिल दूसरी जातियों को साधने में मदद मिलेगी.

इन फैसलों से भी लाभ की है उम्मीद
इसके साथ ही सीएम गहलोत के और भी कई फैसले हैं जिनका लाभ उपचुनाव में मिलने की संभावना जताई जा रही है. बजट में मुख्यमंत्री ने दिवंगत विधायकों के नाम से उपचुनाव वाले क्षेत्रों में कॉलेज खोलने की घोषणा की जिसका फायदा पार्टी को मिलेगा. वहीं अलग से कृषि बजट की घोषणा कर किसानों को साधने की कोशिश की गई है. मनरेगा कार्यों में लगे अकुशल श्रमिकों के लिए टास्क में छूट को मंजूरी भी हाल ही में सीएम द्वारा दी गई है जिसका लाभ पार्टी को उपचुनाव में मिल सकता है.

गहलोत ने 943 घोषणाएं कर सबको चौंका दिया था
वहीं निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत एससी-एसटी वर्ग के लिए निवेश सीमा 50 प्रतिशत घटाकर इस वर्ग को साधने की कवायद की गई है. उपचुनाव से पहले आए राज्य बजट में सीएम अशोक गहलोत ने 943 घोषणाएं कर सबको चौंका दिया था. गहलोत सरकार के बेहतर कोरोना मैनेजमेंट को भी कांग्रेस उपचुनाव में भुनाने की कोशिश कर रही है.
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