सचिन पायलट ने पहले ही कहा था, सीएम कौन होगा इससे फर्क नहीं पड़ता

सचिन ने पहले ही ये साफ़ कर दिया था कि भले ही वो प्रदेश अध्यक्ष हों, लेकिन राजस्थान में जीत के बाद सीएम कौन होगा ये पार्टी हाईकमान ही तय करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 14, 2018, 4:06 PM IST
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कई दिनों के इंतजार के बाद अ‍ाखिरकार राजस्‍थान को उसका सीएम मिलने जा रहा है. अशोक गहलोत को राजस्‍थान का नया सीएम बनाने का फैसला किया गया है. वहीं सचिन पायलट को डिप्‍टी सीएम का पद ऑफर किया गया है. बता दें कि News18 Hindi से खास बातचीत में सचिन ने पहले ही ये साफ़ कर दिया था कि भले ही वो प्रदेश अध्यक्ष हों, लेकिन राजस्थान में जीत के बाद सीएम कौन होगा ये पार्टी हाईकमान ही तय करेगा. हालांकि उन्होंने ये ये भी कहा था कि अगर उन्हें ये जिम्मेदारी दी जाती है तो वे इसे ज़रूर निभाएंगे.

गठबंधन नहीं करने का फैसला लिदेश
बतौर राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सचिन के सामने बहुमत लाने का दबाव था और बसपा से गठबंधन की बातचीत भी हुई थी. हालांकि सचिन पहले से ही काफी कॉन्फिडेन्ट थे और उन्होंने राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए बसपा से गठबंधन के सवाल पर साफ़ कर दिया था कि राज्य में कांग्रेस काफी मजबूत है और कांग्रेस 200 सीटों पर चुनाव लड़ने में सक्षम हैं और ऐसे किसी गठबंधन की कोई ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

अशोक गहलोत से रिश्ते
सचिन लगातार कहते रहे हैं कि अशोक गहलोत से उनके रिश्ते काफी अच्छे हैं.सचिन ने इसे बीजेपी की तरफ से फैलाई जाने वाली अफवाह बताया था और कहा था कि उनके बीते 20 सालों से उन दोनों के काफी अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कहा कि जब भी बीजेपी से कोई जवाब मांगा जाता है तो वो ये कहने लगते हैं कि देखो कांग्रेस में 4 गुट हैं.



बहुमत को लेकर कॉन्फिडेन्ट थे
बता दें कि News18 Hindi से ख़ास बातचीत के दौरान भी सचिन राजस्थान में बहुमत को लेकर काफी आश्वस्त थे. सचिन ने कहा था कि अब राज्य ही नहीं देश की जनता भी समझ गई है और 2014 जैसा माहौल नहीं रह गया है. जनता ने राजस्थान में बीजेपी को एक बड़े मैंडेट के साथ भेजा था, लेकिन बीते चार सालों में ये सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही. किसान कर्जमाफी हो या रोज़गार देना, सरकार ने कोई वादा पूरा नहीं किया जिससे जनता में काफी नाराज़गी है. बहरहाल सचिन के कहे अनुसार जनता ने ये नाराज़गी जाहिर भी की.
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