मंत्रियों और विधायकों के वेतन भत्ते बढ़े, तय कामकाज को रोककर पटल पर रखे गए संशोधन विधेयक

प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्तों समेत पूर्व विधायकों पेंशन बढ़ा दी गई है. दोनों विधेयक सोमवार की कार्यसूची में शामिल ही नहीं थे. दोनों विधेयक सदन के तय कामकाज को रोककर पटल पर रखे गए.

News18 Rajasthan
Updated: August 6, 2019, 9:37 AM IST
मंत्रियों और विधायकों के वेतन भत्ते बढ़े, तय कामकाज को रोककर पटल पर रखे गए संशोधन विधेयक
राजस्थान विधानसभा। फाइल फोटो
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Updated: August 6, 2019, 9:37 AM IST
प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्तों समेत पूर्व विधायकों पेंशन बढ़ा दी गई है. मंत्रियों, विधानसभा अधिकारियों तथा सदस्यों की परिलब्धियां व पेंशन संशोधन विधेयक-2019 और राजस्थान मंत्री वेतन संशोधन विधेयक- 2019 दोनों संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए गए हैं. विधानसभा के अधिकारियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य सचेतक, उपमुख्य सचेतक और संसदीय सचिव शामिल हैं.

संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल ने पटल पर रखा
दोनों विधेयक सोमवार की कार्यसूची में शामिल ही नहीं थे. दोनों विधेयक सदन के तय कामकाज को रोककर पटल पर रखे गए. संसदीय कार्य मंत्री शान्ति धारीवाल ने इनको सदन के पटल पर रखा. उसके बाद ये बिल महज चंद मिनटों में पास कर दिए गए. मंत्रियों के बढ़े हुए वेतन से राज्य सरकार पर सालाना दो करोड़ 10 लाख का भार आएगा. वहीं विधायकों के वेतन और पूर्व विधायकों की पेंशन पर 29 करोड़ 36 लाख का भार आएगा. बढ़े हुए वेतन भत्ते 1 अप्रेल 2019 से लागू होंगे. इससे पहले अप्रेल, 2017 में मंत्रियों और विधायकों के वेतन भत्तों में बढ़ोतरी की गई थी.

जनप्रतिनिधियों के वेतन भत्तों में यह किया गया है इजाफा

मुख्यमंत्री का वेतन 55 हजार बढ़ाकर 75 हजार किया गया है. विधानसभा अध्यक्ष का 50 हजार से 70 हजार, विधानसभा उपाध्यक्ष का 45 हजार से 65 हजार, कैबिनेट मंत्री का 45 हजार से 65 हजार, राज्य मंत्री का 42 हजार से 62 हजार, ससंदीय सचिव का 40 हजार से 60 हजार, मुख्य सचेतक का 45 हजारसे 65 हजार, उपमुख्य सचेतक का 42 हजार से 62 हजार, नेता प्रतिपक्ष का 45 हजार से 65 हजार और उप मंत्री का वेतन 40 हज़ार से बढ़ाकर 60 हजार किया गया है.

विधायकों को अब यह वेतन-भत्ता मिलेगा
विधायक का वेतन 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार कर दिया गया है. उनका निर्वाचन भत्ता प्रति माह 50 हजार से 70 हजार, दैनिक भत्ता 1500 से 2 हजार, वहीं राज्य से बाहर 2500 रुपए कर दिया गया है. टेलीफोन भत्ता प्रतिमाह 2500 रुपए शुरू किया गया है। निर्वाचन क्षेत्र में भ्रमण के लिए वाहन पेटे अधिकतम 45000 प्रति माह किया गया है. रेल और हवाई भत्ता भी सालाना 2 लाख से बढ़ाकर 3 लाख और मकान किराया 20 हजार से 30 हजार कर दिया गया है.
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पूर्व विधायकों की पेंशन भी बढ़ी
पूर्व विधायकों की पेंशन राशि भी अब 25000 प्रति माह से बढ़ाकर 35000 कर दी गई है. उनकी चिकित्सा सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख किया गया है. रेल और हवाई यात्रा पेटे राशि 50 हजार से एक लाख रुपए की गई है. पूर्व सदस्यों के निधन के पश्चात उसकी पत्नी को रोडवेज के 100 कूपन मिलेंगे.

मंत्रियों के इन भत्तों को भी बढ़ाया गया है
विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरकारी मुख्य सचेतक और नेता प्रतिपक्ष का सत्कार भत्ता अब 80 हजार प्रति माह कर दिया गया है. सरकारी उप मुख्य सचेतक को अब प्रति माह 70 हजार सत्कार भत्ता मिलेगा. मुख्यमंत्री का सत्कार भत्ता अब 85 हजार, मंत्री और राज्य मंत्री का 80 हजार और संसदीय सचिव का प्रति माह 70 हजार किया गया है. उप मंत्री को 60 हजार प्रति माह सत्कार भत्ता मिलेगा. मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्य मंत्री, उप मंत्री को अब 10 हजार के बजाय 30 हजार रुपए मासिक किराया भत्ता मिलेगा.

(रिपोर्ट- सुधीर शर्मा, गोवर्धन चौधरी एवं बाबूलाल धायल)

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First published: August 6, 2019, 9:28 AM IST
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