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गहलोत खेमे ने दूर की स्पीकर सीपी जोशी की नाराजगी, अगले 2 दिन चलेगा सदन, पेश होंगे अहम बिल

मंत्री शांति धारीवाल के व्यवहार से स्पीकर सीपी जोशी नाराज हो गए थे.

मंत्री शांति धारीवाल के व्यवहार से स्पीकर सीपी जोशी नाराज हो गए थे.

Rajasthan Assembly Session Update: विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) और सत्ता पक्ष के व्यवहार से स्पीकर सीपी जोशी (CP Joshi) नाराज हो गए थे. उन्होंने विधानसभा की कार्रवाई अनिश्चिततकाल के लिए स्थगित कर दी थी. अब गहलोत सरकार ने डैमेज कंट्रोल कर सीपी जोशी की नाराजगी दूर कर दी है.

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जयपुर. राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly session)  की कार्यवाही शुक्रवार को फिर शुरू होगी. गुरुवार शाम विधानसभा में हुए जबरदस्त हंगामे के बाद स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगति कर दिया था. उसके बाद से सतापक्ष में हड़कंप मच गया. आज भी दिनभर सियासी गलियारों में यही चर्चा रही कि सदन कब चलेगा. दोपहर होते-होते स्पीकर के यहां से अच्छी खबर आई. उससे पहले सत्तापक्ष के मंत्री और नेता प्रतिपक्ष तक असमजंस में थे. दरअसल, बुधवार को स्पीकर सीपी जोशी (Speaker CP Joshi) से सीधी तीखी नोकझोंक हुई थी. उसमें संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) भी थे. शांति धारीवाल के व्यवहार से स्पीकर नाराज हो गए थे. उन्होंने अचानक सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था.

विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद स्पीकर सीपी जोशी को काफी मनाया गया. देर रात तक सरकार के मंत्री डेमेज कंट्रेाल में लगे रहे. अब सदन तय समय पर शुरू होगा.

अहम बिल होंगे सदन में पेश

विधानसभा में अगले दो दिन में दो अहम बिल पेश होंगे. कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने का महत्वपूर्ण बिल सदन में आएगा. ए्प्रोप्रियेशन बिल भी सरकार को पारित कराना है. उसके बगैर सरकार खर्च नहीं कर पाएगी. विधानसभा से बिल का पारित होना अत्यावश्यक था. सत्तापक्ष के लिखित आग्रह को स्पीकर ने मान लिया है, इसलिए अब सदन चलेगा. मगर जो किरकिरी हुई है उसकी भरपाई मुश्किल है.,नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने बीजेपी विधायकों को जयपुर में ही रोके रखा. उन्हें उम्मीद थी कि सदन तो चलेगा ही.

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बहरहाल, इस घटनाक्रम से सियासी जानकार भी हैरान हैं. ये बात लोगों की समझ से परे है कि एक ही गुट के मंत्री विधायकों ने आखिर आसन के निर्देश क्यों नहीं माने. क्या विपक्ष पर जरूरत से ज्यादा हमलावर होने की कोशिश में वो आसन की मर्यादा ही भूल गए? जाहिर है जब सदन शुरू होगा तो स्पीकर एक बार फिर माननीयों को उलाहना देंगे, उनके कर्तव्य याद दिलाएंगे. वक्त रहते मामला सुलझ जाने से राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली परंपरा पर तो इस निर्णय से कोई आंच नहीं आई. मगर सतापक्ष के मंत्रियों की वजह से सदन को अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर देने की गूंज विधानसभा की कार्यवाही में  हमेशा हमेशा के लिए दर्ज हो गई है.

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