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राजस्थान: वसुंधरा समर्थक विधायकों के पत्र पर वबाल, गुलाबचंद कटारिया ने दिया ये बड़ा बयान

राजस्थान में बीजेपी के कुछ विधायकों ने सदन में मुद्दे उठाने को लेकर पक्षपात का आरोप लगाया है.
राजस्थान में बीजेपी के कुछ विधायकों ने सदन में मुद्दे उठाने को लेकर पक्षपात का आरोप लगाया है.

Rajasthan BJP infight: राजस्थान बीजेपी में अंदरुनी सियासत उफान पर है. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समर्थक कुछ बीजेपी विधायकों ने सदन में मुद्दे उठाने में पक्षपात का आरोप लगाया है. इन आरोपों पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि शिकायत करने वाले ही ज्यादा अच्छा बता सकते हैं कि उन्हें दर्द कहां है.

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जयपुर. बीजेपी में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. नया मामला सदन में मुद्दे उठाने को लेकर पक्षपात का है. बताया जा रहा है कि वसुंधरा राजे गुट के विधायकों ने इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को शिकायत की है. इस मामले में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने अपना पक्ष रखते हुए इसे बैमौसम बारिश बताया है. न्यूज 18 राजस्थान से खास बातचीत में कटारिया ने कहा कि इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष से बात की जाएगी. हमने कोशिश की जो सदन में बोलना चाहे, उन्हें बुलाया है. राज्यपाल के अभिभाषण पर इतने लोग बोले हैं जो पहले कभी नहीं बोले. सभी को 10-12 मिनिट बोलने की लिमिट जरूर की थी.

पत्र को लेकर कटारिया ने कहा कि मेरे पास कोई पत्र नहीं आया है. मीडिया से ही पत्र के बारे में जानकारी मिली है. प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया के दिल्ली से आने के बाद चर्चा भी करेंगे और पत्र भी देखेंगे लेकिन किसी विधायक ने इस बारे में सीधे मुझसे बात नहीं की है. उन्होंने कहा कि शिकायत करने वाले ही ज्यादा अच्छा बता सकते हैं कि उन्हें दर्द कहां है.

'संगठन के हित में काम करूंगा'
कटारिया ने कहा कि मैं वहीं काम कर सकता हूं, जो पार्टी-संगठन के लिए हितकर होगा. मैंने 40 साल के राजनीतिक करियर में पार्टी लाइन से अलग हटकर कोई काम नहीं किया है. इस मामले में समझने की कोशिश करूंगा और इसका हल निकालूंगा.
विधायकों की परेशानी से हैरान हूं: राजेन्द्र राठौड़ 



उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि विधायकों की परेशानी से हैरान हूं. किसी को तकलीफ थी तो नेता प्रतिपक्ष को कह सकते थे. हम हर मंगलवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक करते हैं, उसी के अनुरूप हम सदन के आगे की रणनीति तैयार करते हैं. कथित पत्र लिखने वाले एमएलएम में से 80 फीसदी सदन में बोले हैं. प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस तरह के पत्र पर अनभिज्ञता जताई है. कोर कमेटी की बैठक में भी इस पत्र को लेकर चर्चा होगी.

राठौड ने षडयंत्र के सवालों पर कहा कि मुझे इस मामले में कहने का अधिकार नहीं है. सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष ही इस मामले की पूरी छानबीन करने के बाद ही कोई टिप्पणी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष और वे खुद विधायकों को ना सिर्फ प्रोत्साहित करते हैं बल्की विधायकों को कोई मुद्दा उठाने के लिए सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है. गुटबाजी के सवालों राठौड़ ने कहा कि हमारी पार्टी में ना तो कोई गुट था और ना ही रहेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी भी प्रकार की लड़ाई नहीं है. हो सकता है किसी विधायक को किसी बात को लेकर टीस हो. हम उनसे बात करेंगे.
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