राजस्थान: BJP नेता अलका गुर्जर अनुसूचित जाति आयोग के चेयर पर्सन से कल करेंगी मुलाकात

राजस्थान में महिला उत्पीड़न के 80 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए हैं जिसमें 12000 से अधिक मामले रेप और बलात्कार के हैं. (फाइल फोटो)

राजस्थान में महिला उत्पीड़न के 80 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए हैं जिसमें 12000 से अधिक मामले रेप और बलात्कार के हैं. (फाइल फोटो)

राजस्थान बीजेपी (Rajasthan BJP) का डेलिगेशन 24 मार्च को राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की चेयरपर्सन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा चुका है.

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राजीव तिवारी

जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ बढ़ रहे उत्पीड़न और रेप (Harassment And Rape) की घटना को लेकर राजस्थान बीजेपी का डेलिगेशन सोमवार को बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर के नेतृत्व में अनुसूचित जाति आयोग के चेयर पर्सन से मुलाकात करेगा. यह डेलिगेशन सोमवार सुबह 10:00 बजे अनुसूचित जाति आयोग पहुंचेगा और वहां पर ज्ञापन देकर राजस्थान में महिलाओं (Women) और बच्चियों के साथ बढ़ रहे अपराध को रोकने के लिए निवेदन करेगा.

दरअसल, राजस्थान बीजेपी का डेलिगेशन 24 मार्च को राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की चेयरपर्सन से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा चुका है और अपराधिक घटनाओं पर लगाने के लिए निवेदन कर चुका है. यह डेलिगेशन राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर के नेतृत्व में मिला था और ज्ञापन सौपने के साथ अपराध रोकने की मांग की थी. अलक गुर्जर ने कहा था राजस्थान महिलाओं के लिए अब सुरक्षित नहीं है. राजस्थान में महिलाओं और नाबालिग बच्चों के साथ बढ़ रहे अपराध चिंता का विषय है. इस पर रोक लगनी चाहिए और सीधे तौर पर राज्य सरकार अपराध रोकने में फेल है.

इस मामले में जवाब मांगा है
न्यूज़ 18 से खास बातचीत में बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को ज्ञापन देने के बाद भी यह अपराध नहीं रुक रहा है. हालांकि, इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा 6 अप्रैल को जयपुर जा रही है जहां पर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात करेंगी. इस संबंध में चर्चा करेंगी कि आखिर अपराध कंट्रोल क्यों नहीं हो रहा है और राज्य सरकार राज्य महिला आयोग क्यों नहीं बना रही है. वहीं,  मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख डीजीपी को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है.

उत्पीड़न के 80 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए हैं

राजस्थान में महिला उत्पीड़न के 80 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए हैं जिसमें 12000 से अधिक मामले रेप और बलात्कार के हैं. बीजेपी नेता अलका गुर्जर का कहना है कि यह जो सरकार है दलित महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है. अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं हमारी कोशिश है कि प्रदेश सरकार को जगाए और अपराध रोकने के लिए कार्रवाई करें. प्रदेश की सरकार गूंगी बहरी हो गई है हाल ही में भी देखा गया है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा पुलिस कार्यालय में महिला को बुलाता है उसके साथ घटना को अंजाम देता है.



यह घटना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है

सरकार उस अपराधी को पहले बर्खास्त करने की बात करती है, लेकिन बर्खास्त न करके उसे सेवानिवृत्त दे देती है. और जब मामला बिगड़ता है तो फिर उसको बर्खास्त करने की घोषणा करती है. अब इस अधिकारी को सेवानिवृत्त दे दिया गया. उसे बर्खास्त कैसे किया जाएगा, जो अब राज्य सरकार का कर्मचारी नही रहा.इससे पता चलता है सरकार के दोहरे चरित्र के बारे में सरकार पूरे मामले में लीपापोती करने में जुटी है यह घटना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है.
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