Rajasthan Budget-2021-2022: नजर आया गहलोत का शायराना अंदाज, बोले- 'यह जादूगर की जादूगरी है'

बजट भाषण को समाप्त करते हुये गहलोत ने कहा कि ''निगाहों में मंजिल थी, गिरे और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की थी, मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे''.

बजट भाषण को समाप्त करते हुये गहलोत ने कहा कि ''निगाहों में मंजिल थी, गिरे और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की थी, मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे''.

Rajasthan Budget-2021-2022: बजट भाषण में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने जमकर शायरी की. गहलोत की इन शायरियों में विपक्ष पर किया गया कटाक्ष छिपा था. सत्ता पक्ष ने जहां गहलोत की शायरी पर टेबलें थपथपाई वहीं विपक्ष चुप रहा.

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने आज तीसरी बार अपनी सरकार का बेहद चुनौतीपूर्ण बजट (Budget-2021-2022) विधानसभा में पेश किया. बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का शायराना अंदाज देखने मिला. गहलोत अपने बजट भाषण के दौरान कभी चुटकुलों से और कभी तंज कसकर विपक्ष पर हमला करते भी नजर आये. मुख्यमंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत और समाप्ति शायरी से की.

सीएम गहलोत ने इस बार काफी लंबा बजट भाषण दिया है. आज गहलोत का बजट भाषण 2 घंटे 46 मिनट चला. यह गहलोत का अब तक का संभवतया सबसे लंबा बजट भाषण बताया जा रहा है. गहलोत ने ठीक सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू किया था. उसे 1 बजकर 46 मिनट पर समाप्त किया. गहलोत ने बजट भाषण की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल के शब्दों से की. बजट शुरू करते ही गहलोत ने कहा कि ''पलट देते हैं हम मौजे-हवादिस अपनी जुर्रत से, कि हमने आंधियों में भी चिराग अक्सर जलाये हैं''. उसके बाद गहलोत का यह शायराना अंदाज पूरे भाषण में रुक-रुककर जारी रहा.

यह जादूगर की जादूगिरी है

बजट भाषण को समाप्त करते हुये गहलोत ने कहा कि ''निगाहों में मंजिल थी, गिरे और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की थी, मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे''. वहीं बजट स्पीच में घोषणायें करते हुये गहलोत ने कहा कि ''उन्नति के सफर पर हम सबको साथ और बहुत दूर तक चलना है, मेरे हौसलों में अभी जान बाकी है, यह तो दौड़ भर थी, अभी उड़ान बाकी है''. वहीं गहलोत ने विपक्ष की ओर मुखातिब होते कहा कि ''मेरी सादगी से मेरा अंदाज मत लगाना, यह तो शुरुआत थी,अभी अंजाम बाकी है, यह जादूगर की जादूगिरी है''
सियासी गलियारों में काफी चर्चा है गहलोत की शायरी की

गहलोत की शायराना अंदाज पर सत्ता पक्ष ने जमकर टेबलें थपथपाई. लेकिन विपक्ष चुप रहा. बीच-बीच में विधायक गहलोत की शायरी की दाद हुये भी नजर आये. गहलोत के इस शायराना अंदाज की सियासी गलियारों में काफी चर्चा है. गहलोत के इस अंदाज पर तंज कसते हुये बीजेपी ने इसे शेर-ओ-शायरी वाला बजट बता डाला.
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