गहलोत सरकार के बजट की वो 5 बड़ी घोषणाएं जिनकी हो रही सबसे ज्यादा चर्चा; साधे सियासी समीकरण


गहलोत सरकार अगले दो महीने में ही होने वाले विधानसभा उपचुनाव को भी ध्यान में रखा.

गहलोत सरकार अगले दो महीने में ही होने वाले विधानसभा उपचुनाव को भी ध्यान में रखा.

Rajasthan Budget 2021-21: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज जो लोकलुभावन बजट पेश किया, उसमें हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की. पायलट की बगावत औऱ वापसी के बाद सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ गिरा है. इस बजट से गहलोत फिर लोकप्रिय सीएम की छवि की तलाश में है.

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जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज लोक लुभावन बजट पेश किया. बजट में हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की. किसानों पर विशेष फोकस रहा. किसानों को लुभाने के लिए घोषणाओं की बारिश कर दी. पचास हजार करोड़ के ब्याज मुक्त ऋण देने, कृषि के लिए अलग बिजली कंपनी बनाने और बकाया कृषि ऋण के लिए वन टाइम सैटलमेंट का ऐलान किया. गहलोत यहीं नही रुके, अगले साल से अलग से कृषि बजट पेश करने की भी घोषणा की. किसानों पर इस बारिश की एक वजह किसान आंदोलन से किसानों में उपज रही नाराजगी को भुनाना है. किसानों को अपने पाले में लाना.

फिर फोकस युवा और बेरोजगारों पर रहा. 50 हजार भर्तियों का ऐलान किया. योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राजीव युवा मित्रों की भर्ती का भी ऐलान किया. बेरोजगारों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है. राजस्थान में लंबे समय से सरकारी भर्तियां न होने या फिर कोर्ट में अटकने से बेरोजगार और युवा खफा हैं. जयपुर में आठ दिनों तक धरना दिया था. युवाओं को मनाने की कोशिश की है. तीसरा फोकस स्वास्थ्य पर था. यूनिवर्सल स्वास्थ्य बीमा योजना का ऐलान किया. हर व्यक्ति को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा सरकार देगी. अधिक आय वालों को 850 रुपये देने होंगे. बाकी के लिए मुफ्त है. कोरोना के कहर के बाद हर किसी की चिंता स्वास्थ्य पर है. गहलोत ने उसी पर बजट को फोकस किया.

चौथा फोकस शिक्षा पर रहा. पांचवी तक स्कूलों में किताबें फ्री और आठवीं तक यूनिफॉर्म फ्री देने का प्रावधान किया है. पांचवा फोकस शहरों पर रहा. इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना का ऐलान किया. पांच लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण मिलेगा. स्थानीय निकायों के चुनाव में जीत से उत्साहित गहलोत का फोकस विधानसभा की 22 शहरी सीटों पर है. छठा फोकस महिलाओं पर. महिलाओं को मुफ्त सैनेट्री पैड देने की घोषणा की.

सातवां फोकस गुर्जरों पर रहा. सचिन पायलट की वजह से नाराज गुर्जरों की नराजगी दूर करने के लिए गुर्जर बहुल इलाकों के विकास के लिए देव नारायाण योजना में 200 करोड़ देने का ऐलान किया. तीन एमबीसी छात्रावास का तोहफा दिया है. विधानसभा में विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ ने तंज कसा कि सरकार के खजाने में पैसे ही नहीं बजट घोषणाएं सिर्फ जनता को धोखा देने की कोशिश की गई है. पिछले बजट की 36 फीसदी घोषणाएं पूरी हुईं.
विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने इसे चुनावी बजट बताया औऱ कहा कि बजट देखकर लग रहा है कि गहलोत सरकार को भरोसा नहीं कि कब मध्यावधि चुनाव हो जाए. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विपक्ष के इस सवाल चुटकी ली कि वे जादू से घोषणाएं पूरी करेंगे. कहा मध्यावधि चुनाव का बजट नहीं. उनकी

सरकार पांच साल चलेगी.

गहलोत सरकार के इस लोकलुभावन बजट के पीछे पहली वजह है तो राजस्थान में अगले दो महीने में ही होने वाले विधानसभा उपचुनाव. दूसरी वजह है जिस तरह से पायलट की बगावत औऱ वापसी के बाद सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ गिरा. इस बजट से गहलोत फिर लोकप्रिय सीएम की छवि की तलाश में है. उसकी एक वजह पायलट की किसान रैलियों में आ रही भारी भीड़. गहलोत ने मिसिंग लिंक और नई सड़कों के निर्माण समेत विधायकों के क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान कर कांग्रेस और सहयोगी दलों के विधायकों को साधने की कोशिश की. फिर नाराजगी पनपे और पिछली साल जैसे राजनीतिक संकट का सामना न करना पड़े.
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