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Rajasthan Bypolls: जाति का फैक्टर बनेगा गेम चेंजर, कांग्रेस के थिंक टैंक बना रहे रणनीति

राजस्थान उपचुनाव में जाति का फैक्टर खास हो सकता है.

राजस्थान उपचुनाव में जाति का फैक्टर खास हो सकता है.

Rajasthan By Election 2021: सूबे की तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव में जातियों को साधने की कवायद शुरू हो गई है. इन सीटों के लिए कांग्रेस (Congress) ने खास रणनीति तैयार की है. 

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Dinesh Sharma

जयपुर. मानें या ना मानें लेकिन आज भी चुनाव में जाति ही जीत का बड़ा आधार होती है. चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दल दावे भले ही विकास कार्यों के करते हों, लेकिन हकीकत ये है कि कवायद जातीय समीकरणों को साधने की ही ज्यादा नजर आती है. प्रदेश में तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव (Rajasthan By Election) में भी जातियों की साधने की मशक्कत बखूबी नजर आ रही है. राजनीतिक दलों ने जातीय समीकरण साधने के लिहाज से अपने नेताओं को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने अलग-अलग सीटों पर अलग-अलग जातियों को साधने के हिसाब से अपनी चुनावी रणनीति तैयार की है. जिस क्षेत्र में जिस जाति के वोटर्स का वर्चस्व है उस क्षेत्र में उसी जाति के पार्टी नेताओं को कमान सौंपी गई है. इन पार्टी नेताओं को अपनी जाति को वोटर्स को कांग्रेस के पाले में लाने का टास्क सौंपा गया है. तीनों ही सीटों पर कुछ जातियां ऐसी हैं जो प्रभावशाली हैं और हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाती हैं. इन्हीं जातियों को साधने के लिहाज से कांग्रेस के थिंक टैंक ने अपनी रणनीति तैयार की है. जानिए, किस सीट का क्या है गणित





सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव

एससी वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट पर एससी के साथ ही जाट, राजपूत, मुस्लिम, ब्राह्मण और अन्य ओबीसी जातियों का वर्चस्व है.
जाट बाहुल्य इस सीट की कमान खुद पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने संभाली है.
हरीश चौधरी, रामेश्वर डूडी, महेन्द्र चौधरी, नरेन्द्र बुडानियां, कृष्णा पूनिया, पूसाराम गोदारा, बृजेंद्र ओला को जाट नेता के तौर पर प्रचार में उतारा गया.
राजपूत नेताओं में मंत्री प्रताप सिंह , भंवर सिंह भाटी और विधायक राजेंद्र गुढ़ा को प्रचार में उतारा गया है.
अल्पसंख्यकों को साधने के लिए अल्पसंख्यक नेता मंत्री सालेह मोहम्मद, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, मकबूल मंडेलिया और खानू खान बुधवाली को उतारा.
ब्राह्मण वर्ग के मतदाताओं को साधने का मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, विधायक भंवर लाल शर्मा, राजेंद्र पारीक और राजकुमार शर्मा को जिम्मा.
एससी वर्ग को साधने के लिए मंत्री ममता भूपेश, विधायक गोविंद राम मेघवाल, जेपी चंदेलिया और गंगा देवी को जिम्मेदारी.



सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र

इस सीट पर ब्राह्मण, जाट और गुर्जर वोटर्स का बाहुल्य है.
इस सीट की कमान चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के हाथ में है.

पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा और रामपाल शर्मा पर भी ब्राह्मण वोटर्स को साधने की जिम्मेदारी है.
गुर्जर वोटर्स को साधने के लिए मंत्री अशोक चांदना, विधायक जितेंद्र सिंह, शकुंतला रावत, राजेंद्र बिधूड़ी, पूर्व विधायक धीरज गुर्जर और कांग्रेस नेता संजय गुर्जर मैदान में हैं.
जाट मतदाताओं को साधने के लिए लालचंद कटारिया, हरीश चौधरी , रामलाल जाट और रामसिंह कस्वा को जिम्मेदारी.

राजपूत वर्ग को साधने की जिम्मेदारी परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और सेवादल के अध्यक्ष हेमसिंह शेखावत पर है.

राजसमंद विधानसभा सीट

सामान्य वर्ग की इस सीट पर ओबीसी वर्ग के मतदाताओं का खासा प्रभाव है.

ओबीसी मतदाताओं को साधने के लिए  मंत्री उदयलाल आंजना, सुंदर कुमावत, रतन देवासी और देवकीनंदन काका को जिम्मेदारी दी गई.
वैश्य वर्ग को साधने के लिए मंत्री शांति धारीवाल और प्रमोद जैन भाया को टास्क दिया गया है.

जाट नेताओं में कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया और रामलाल जाट को जिम्मेदारी दी गई है.
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