राम मंदिर का निर्माण किसी पार्टी या प्रतिनिधि द्वारा नहीं, बल्कि भगवान राम की मर्जी से हो रहा- खाचरियावास
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राम मंदिर का निर्माण किसी पार्टी या प्रतिनिधि द्वारा नहीं, बल्कि भगवान राम की मर्जी से हो रहा- खाचरियावास
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास जयपुर स्थित अपने आवास पर 24 घंटे का रामायण पाठ करवा रहे हैं

अशोक गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) ने कहा, राम मंदिर का निर्माण का कार्य किसी पार्टी विशेष या प्रतिनिधि विशेष द्वारा नहीं बल्कि स्वयं भगवान राम की मर्जी से हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी जाति धर्मों के लोगों की सहमति के बाद राम मंदिर निर्माण हो रहा है

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  • Last Updated: August 5, 2020, 5:43 PM IST
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जयपुर. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (Ayodhya Ram Temple Construction) की स्थापना के अवसर पर राजस्थान सरकार के परिवहन एवं सैनिक कल्याण मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) रामभक्ति में लीन रहे. बुधवार को कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जयपुर में अपने सरकारी निवास पर रामायण पाठ (Ramayan Path) का आयोजन किया. उन्होंने वैदिक मंत्रोचार के साथ विधि-विधान से 24 घंटे का रामयाण पाठ पंडितों और बुद्धिजनों के सहयोग से शुरू किया. खाचरियावास के साथ उनकी पत्नी, बेटे और परिजनों सहित कई करीबी लोग इस धार्मिक कार्य में शामिल हुए.

राम मंदिर निर्माण पर खाचरियावास ने खुशी जताता हुए कहा कि भगवान राम सृष्टि के रचियता हैं. राम मंदिर का निर्माण का कार्य किसी पार्टी विशेष या प्रतिनिधि विशेष द्वारा नहीं बल्कि स्वयं भगवान राम की मर्जी से हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी जाति धर्मों के लोगों की सहमति के बाद राम मंदिर निर्माण हो रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पहली बार अयोध्या में राम मंदिर के दरवाजे खुलवाए थे. लगातार जन आंदोलन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राम मंदिर निर्माण का सपना साकार हो रहा है. उन्होंने कहा कि खाचरियावास परिवार भगवान राम के पुत्र कुश के वंशज हैं. भगवान कुश के पुत्र कछावा वंश के जनक थे.

वर्तमान में दल-बदल कानून में बड़े बदलाव की जरूरत



बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि वर्तमान में दल-बदल कानून में बड़े बदलाव की जरूरत है. जनता के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मेहनत कर नेताओं को पार्टी के प्रत्याशी रूप में चुनते हैं. लेकिन राजनेता अपने राजनीतिक लाभ के लिए जनता की भावनाओं के विपरीत, पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत को दरकिनार कर दल बदल लेते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीति में भी राम राज्य की परिकल्पनाओं को साकार करना जरूरी है. जन प्रतिनिधियों में राष्ट्र सेवा के साथ-साथ जनता की सेवा की भावना बेहद जरूरी है.
खाचरियावास ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा दल-बदल से न सिर्फ राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो रही है बल्कि जनता और पार्टी के कार्यकर्ता भी जनप्रतिनिधियों के निर्णय से ठगा सा महसूस करते हैं.
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