स्मार्ट सिटी: केंद्र से जारी 100 शहरों की रैंकिंग में राजस्थान को दूसरा स्थान, ये शहर रहे आगे

स्मार्ट सिटी: केंद्र से जारी 100 शहरों की रैंकिंग में राजस्थान को दूसरा स्थान.

स्मार्ट सिटी: केंद्र से जारी 100 शहरों की रैंकिंग में राजस्थान को दूसरा स्थान.

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत केन्द्र सरकार ने 36 राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग जारी की. इसमें राजस्थान देश में द्वितीय स्थान पर आया है. राजस्थान के चार बड़े शहरों को सौ शहरों की सूची में शामिल किया गया.

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जयपुर. स्मार्ट सिटी ( Smart City ) मिशन के तहत केन्द्र सरकार द्वारा जारी 36 राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों की ऑनलाईन रैंकिंग में राजस्थान देश में द्वितीय स्थान पर आया है. स्मार्ट सिटी मिशन के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा जारी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग जारी की गई है. इसमें राजस्थान (Rajasthan ) के दूसरे स्थान पर आने के साथ 100 शहरों की रैंकिंग में उदयपुर 8वें, कोटा 11वें, अजमेर 29वें एवं जयपुर 36वें स्थान पर हैं.

स्मार्ट सिटी क्रियान्वयन के संबंध में केंद्र द्वारा जारी रैंकिंग का आधार परियोजना का क्रियान्वयन कार्य पूर्ण, प्रगतिरत कार्य एवं निविदाधीन कार्य, प्राप्त फंड का उपयोग एवं केंद्र को समय-समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है. 70 प्रतिशत पैसा खर्च नगरीय विकास मंत्री शान्ति धारीवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन में राजस्थान के 4 शहरों जयपुर, उदयपुर, अजमेर एवं कोटा को सम्मिलित किया गया. स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रदेश के चार शहरों को अब तक कुल प्राप्त राशि 1845 करोड़ के सापेक्ष 1563 करोड़ रुपये का व्यय विभिन्न परियोजना में व्यय किया गया. प्रदेश के चार शहरों में 405 परियोजना राशि 3965 करोड़ में से 138 कार्य 448 करोड़ पूर्ण तथा 178 कार्य 2772 करोड़ प्रगतिरत एवं 17 कार्य 145 करोड़ के प्रक्रियाधीन हैं.

जनता से राय लेकर हो रहा काम

धारीवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत जन अपेक्षाओं के अनुरूप जनप्रतिनिधियों से विचार विमर्श एवं स्मार्ट सिटी की दिशा निर्देशों के आधार पर जयपुर, उदयपुर, अजमेर एवं कोटा शहरों में जनोपयोगी के नए कार्यों को सम्मिलित किया गया है. कार्यों के समय पर क्रियान्वयन के लिए सीपीएम-पीईआरटी आधारित एक्शन प्लान बनाया गया. प्रभावी मॉनिटरिंग में इसका उपयोग किया गया. कार्यों की निरंतर एवं नियमित समीक्षा की जाकर उनका समय-समय पर निरीक्षण किया गया. जिसके फल स्वरूप कोविड-19 काल के दौरान भी विकास गति को बनाये रखा जा सका.

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