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जयपुर: सूर्यग्रहण देखने से 14 बच्चों की आंखें 70% तक खराब, पूरी तरह ठीक होना मुश्किल

sambrat chaturvedi | News18Hindi
Updated: January 20, 2020, 12:59 PM IST
जयपुर: सूर्यग्रहण देखने से 14 बच्चों की आंखें 70% तक खराब, पूरी तरह ठीक होना मुश्किल
सूर्यग्रहण देखने से बच्चों की आंखें 70 फीसदी तक खराब हुई हैं. (GettyImages)

सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) देखने से जयपुर और इसके आसपास के करीब 14 बच्चों की आंखें 70 फीसदी तक खराब होने का मामला सामने आया है.

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  • Last Updated: January 20, 2020, 12:59 PM IST
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जयपुर. साल 2019 का अंतिम सूर्यग्रहण यानी सोलर एक्लिप्स (Solar Eclipse) 26 दिसंबर को था. जिसे देखने से राजस्थान की राजधानी जयपुर और इसके आसपास के 14 बच्चों की आंखें 70 फीसदी तक खराब (eye damaged) होने का मामला सामने आया है. यह सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को सुबह 07.59 बजे शुरू हुआ था और दोपहर 01.35 पर समाप्त हुआ. इस दौरान यानी कुल 5 घंटे 36 मिनट के समय में कुछ बच्चों ने बिना चश्मे या सुरक्षा इंतजाम के सूर्यग्रहण देखा. इस दौरान कुछ बच्चों को थोड़े समय के लिए दिखना बिल्कुल बंद हो गया, जबकि अन्य को आंखों में धुंधलापन महसूस हुआ. पिछले 20 दिनों में ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल (sms hospital) में सामने आ चुके हैं. इनमें बच्चों के साथ कुछ बड़े भी शामिल हैं. फिलहाल अस्पताल के नेत्ररोग विभाग के डॉक्टर सभी प्रभावितों के इलाज में जुटे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि इन बच्चों को फिर से साफ दिखने लगे.

मुश्किल है पूरी तरह से ठीक होना
सवाई मानसिंह अस्पताल के नेत्र विभाग के एचओडी ओर यूनिट हेड डॉ. कमलेश खिलनानी ने बताया कि सूर्यग्रहण से जिन बच्चों की आंखों काे नुकसान हुआ है उसकी पूरी तरह से भरपाई मुश्किल है. बच्चों का इलाज हो रहा है और जल्द ही दुरुस्त हो जाएंगे लेकिन रेटिना पर जितना बुरा असर पड़ा है उसे देखते हुए पूरी तरह से पहले जैसी नजर नहीं रहेगी.

अब तक अस्पताल में 14 बच्चे भर्ती हुए हैं. सूर्यग्रहण देखने से इनकी आंखों को काफी नुकसान हुआ है. इलाज जारी है.
डॉ. कमलेश खिलनानी, एचओडी, नेत्र विभाग, सवाई मानसिंह अस्पताल


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सूर्यग्रहण से खराब हुई आंखें फिर से पहले जैसी ठीक नहीं हो सकती.(GettyImages)


रेटिना 70 फीसदी जला, पीला धब्बा बनने से नहीं दिख रहा
नेत्र विभाग के अधीक्षक डॉ. कमलेश खिलनानी के अनुसार बिना चश्मे और अन्य बिना किसी सुरक्षा के इंतजाम सूर्यग्रहण देखने से इन बच्चों की आंखों पर बुरा असर हुआ है. जांच में सामने आया है कि इन बच्चों का रेटिना जल चुका है और आंख के अंदर पीला धब्बा बनने से दिखाई देने में समस्या आ रही है. उन्होंने बताया कि अब इन बच्चों का इलाज किया जा रहा है और उम्मीद है इसके बाद उन्हें साफ दिखने लगेगा.कई इलाकों से बच्चों को लेकर जयपुर पहुंचे लोग
जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर के सूर्यग्रहण के बाद से पिछले 20-25 दिनों में एक दर्जन से अधिक बच्चे सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे हैं. विभिन्न इलाकों से आने वाले इन मरीजों की आंखों में दिक्कत की वजह सूर्यग्रहण को बिना चश्मे के देखना बताई जा रही है.

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First published: January 20, 2020, 11:57 AM IST
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