GST क्षतिपूर्ति के लिए पहले विकल्प को चुनने वाला राजस्थान 22वां राज्य, मिलेगा 4604 करोड़ रुपये

प्रतीकात्मक तस्वीर
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जीएसटी क्षतिपूर्ति (GST Compensation) के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विकल्पों के विरोध करने वाली राजस्थान सरकार ने पहले विकल्प को चुनने का फैसला किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 12:59 AM IST
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नई दिल्ली. जीएसटी क्षतिपूर्ति (GST Compensation) के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विकल्पों के विरोध करने वाली राजस्थान सरकार ने पहले विकल्प को चुनने का फैसला किया है. इसके तहत राजस्थान को 4604 करोड़ रुपए स्पेशल बोररोइंग विंडो के तहत प्राप्त होगा. इसके अलावा राजस्थान के जीडीपी का 0.50 फीसदी यानी 5462 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज भी राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा. चालू वित्त वर्ष 2020-21 में जीएसटी कलेक्शन में गिरावट की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के सामने दो विकल्प रखा था.

पहले विकल्प में ये किया गया है प्रावधान
पहले विकल्प में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके जीडीपी के 0.5 फीसदी के बराबर अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा. आत्मनिर्भर पैकेज के तहे 17 मई 2020 से राज्यों के जीडीपी का 2 फीसदी कर्ज लेने की अनुमति मिलने के अतिरिक्त होगा. सभी राज्यों द्वारा लिए जाने वाले कर्ज सीमा 1.1 लाख करोड़ के ऊपर या अतिरिक्त होगा. केंद्र सरकार ने स्पेशल बोररोइंग विंडो के तहत 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर और 2 नवंबर को दो किस्तों में 12 हजार करोड़ रुपये जारी किए हैं. उम्मीद की जा रही है कि तीसरे किस्त का ऐलान 9 नवंबर को हो सकता है.

राजस्थान को लेकर कुल 22 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों ने चुना पहला विकल्प
केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए दो विकल्पों में अधिकतर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहला विकल्प चुना है. पहले विकल्प को चुनने वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, तमिलनाडु शामिल है. इसके अलावा तीन केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर ने भी पहले विकल्प को चुनने का फैसला किया है.



राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति की ये है व्यवस्था
1 जुलाई 2017 में जीएसटी लागू करते समय केंद्र की मोदी सरकार ने राज्यों को आश्वस्त किया था कि जुलाई 2022 तक केंद्र राज्यों को जीएसटी लागू करने पर टैक्स कलेक्शन में आई गिरावट की भरपाई करेगा. इसमें यह वही व्यवस्था की गई थी कि हर साल 14 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी के आधार पर यह आकलन किया जाएगा.
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