पी चिदंबरम की गिरफ्तारी से पहले अशोक गहलोत ने ऐसे जताया आश्चर्य

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Updated: August 22, 2019, 2:23 PM IST
पी चिदंबरम की गिरफ्तारी से पहले अशोक गहलोत ने ऐसे जताया आश्चर्य
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत. (फोटो-एफबी से साभार)

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) की गिरफ्तारी से पहले ट्विटर पर आश्चर्य जताया. इसके बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) ने आईएनएक्स मीडिया (INX Media) से संबंधित मामले में रात को चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) की गिरफ्तारी से पहले ट्विटर पर आश्चर्य जताया. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत आश्चर्य है कि चिदंबरम को accused बनाया गया, जिस रूप में छापेमारी हो रही है उसकी आवश्यकता नहीं थी. हालांकि इसके बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) ने आईएनएक्स मीडिया (INX Media) से संबंधित मामले में रात को चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया.

अधिकार है कि बचाव के जो भी ऑप्शन हैं, उनका प्रयास करें

सीएम गहलोत ने कहा कि इस देश के प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार है कि वो अपने बचाव के जो भी ऑप्शन है उनके अंतर्गत प्रयास करे. मुझे बहुत आश्चर्य है कि चिदंबरम जी को accused बनाया गया, जिस रूप में छापेमारी हो रही है उसकी आवश्यकता नहीं थी.

सुप्रीम कोर्ट का ऑप्शन खुला है

गहलोत ने कहा, चिदंबरम ने विभिन्न पदों पर रहकर देश के लिए कई दशकों तक सेवाएं दी हैं, ऐसे व्यक्ति के लिए Vendetta को आधार बना कर कार्रवाई की जा रही है. agencies के ऊपर दबाव है चाहे CBI हो या ED जबकि सुप्रीम कोर्ट का ऑप्शन खुला है कि कोई accused भी बनता है तब भी जो ऑप्शन है वह पूरा उपयोग करता है.

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अशोक गहलोत ने ट्विटर पर पी चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई पर आश्चर्य जताया
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2 घंटे के नोटिस में बुलाने की आवश्कता नहीं

उन्होंने कहा कि लोअर कोर्ट से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जाते हैं, डिस्ट्रिक्ट से हाईकोर्ट, हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में जाते हैं. हर नागरिक को यह अधिकार है कि वह अपने जितने ऑप्शन हैं उनका उपयोग करे उसके बाद में जो फैसला हो उसे मान लिया जाता है. यदि कोई फैसले को नहीं मानता हो तो आप उसे दोष दे सकते हो. अभी तो सुप्रीम कोर्ट का ऑप्शन खुला हुआ है उसके पहले जिस रूप में एजेंसीज रात भर घर जा रही थी, 2 घंटे के नोटिस में बुला रही थी उसकी आवश्यकता नहीं थी. एजेंसियों के ऊपर दबाव डालकर कार्रवाई करवाई जा रही है. मैं समझता हूं कि यह देश के लिए अच्छे संकेत नहीं है.

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First published: August 22, 2019, 6:52 AM IST
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