राजस्थान में कोरोना वॉरियर्स संक्रमित हुए तो इलाज, क्वारंटाइन अवधि में माने जाएंगे On Duty

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना समीक्षा बैठक में कोरोना वॉरियर्स को वीआईपी बताते हुए उन्हें इस लड़ाई में हर संभव सहूलियत देने की बात कही (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना समीक्षा बैठक में कोरोना वॉरियर्स को वीआईपी बताते हुए उन्हें इस लड़ाई में हर संभव सहूलियत देने की बात कही (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना समीक्षा बैठक (Covid 19 Review Meeting) में सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार के लिए कोरोना संक्रमितों की जांच और बचाव में जुटे कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) ही सबसे अधिक विशिष्ट (VIP) हैं. इन योद्धाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए हम संकल्पित हैं और उन्हें स्वयं के बचाव के उपकरणों सहित हर सुविधा प्राथमिकता के आधार उपलब्ध कराई जाएगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 10:16 PM IST
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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में अब कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) के संक्रमित होने पर उनके इलाज की पूरी अवधि को छुट्टी पर मानने की बजाय ऑन ड्यूटी माना जाएगा. कोरोना समीक्षा बैठक (Covid 19 Review Meeting) में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसका फैसला किया. सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स के संक्रमित होने की स्थिति में उनके इलाज और आइसोलेशन अथवा क्वारंटाइन अवधि को चिकित्सा अवकाश नहीं मानकर ऑन ड्यूटी (On Duty) माना जाएगा. उन्होंने इसके लिए संबंधित विभागों को समुचित आदेश जारी करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों सहित सभी कोरोना वॉरियर्स को संक्रमित होने पर इलाज या क्वारंटाइन अवधि में अब काम पर माना जाएगा. इससे उनको मिलने वाले अवकाश यथावत रह जाएंगे.

सीएम गहलोत ने कहा कि सरकार के लिए कोरोना संक्रमितों की जांच और बचाव में जुटे कोरोना वॉरियर्स ही सबसे अधिक विशिष्ट (VIP) हैं. इन योद्धाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के लिए हम संकल्पित हैं और उन्हें स्वयं के बचाव के उपकरणों सहित हर सुविधा प्राथमिकता के आधार उपलब्ध कराई जाएगी.

कोरोना आंकड़ों में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश 



मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक कोई भी कोताही नहीं हो. उन्होंने कोरोना मरीजों के आंकड़ों को कलेक्टर, सीएमएचओ, अस्पताल प्रभारी अधिकारी की टीम द्वारा प्रमाणित कर के राज्य स्तर और जिला स्तर पर जारी करने के भी निर्देश दिए.



गहलोत ने कोरोना समीक्षा बैठक में प्रदेश के आम लोगों से मास्क लगाने और हेल्थ प्रोटोकॉल पालन करने की अपील की. उन्होंने हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करने में लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि देश-दुनिया के नामी विशेषज्ञ चिकित्सकों की यह सख्त हिदायत है कि इस वायरस के संक्रमण से बचना ही एकमात्र बचाव है. सीएम गहलोत ने कहा कि संक्रमित होने के बाद ठीक हो जाने पर भी कोरोना के घाव लंबे समय तक शरीर के फेफड़ों, पैनक्रियाज आदि विभिन्न अंगो को पीड़ा दे सकते हैं.

मरीजों की संख्या बढ़ने पर भी होगी इलाज की समुचित व्यवस्था 

मुख्यमंत्री गहलोत ने कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की आंशका के मद्देनजर उनके इलाज की समुचित व्यवस्था के लिए ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड वेंटिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए. इसके लिए आवश्यकतानुसार प्राइवेट अस्पतालों, होटल और अन्य संस्थानों के भवनों और संसाधनों का इस्तेमाल करने को भी कहा गया है.
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