हार पर सचिन पायलट ने 4 साल बाद पहना था साफा, अब इस वजह से हैं चर्चा में

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने 2014 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रण लिया था कि जब तक प्रदेश में उनकी सरकार नहीं बनेगी वो साफा नहीं पहनेंगे. 2018 में जीत के ही पायलट ने साफा पहना और अब उनके सीएम बनने के कयास लगाए जा रहे हैं.

News18Hindi
Updated: June 20, 2019, 3:33 PM IST
हार पर सचिन पायलट ने 4 साल बाद पहना था साफा, अब इस वजह से हैं चर्चा में
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट. (फाइल फोटो)
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Updated: June 20, 2019, 3:33 PM IST
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने 2014 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रण लिया था कि जब तक प्रदेश में उनकी सरकार नहीं बनेगी वो साफा नहीं पहनेंगे. ऐसा हुआ भी 2018 में कांग्रेस ने राजस्थान में सरकार बनाई और इसके बाद ही पायलट ने साफा पहना. आखिरकार उनका प्रण पूरा हुआ और अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत के नाम पर लगाए जा रहे कयास के बाद पायलट के सिर सीएम का सेहरा बंधने की चर्चा भी शुरू हो गई है. हालांकि पायलट का सीएम बनना इतना आसान नहीं होगा. तीन चेहरे और भी सीएम पद के दावेदार हैं. वहीं गहलोत भी सीएम पद छोड़कर दिल्ली जाने को सहज ही तैयार नहीं होंगे.

चुनाव जीता तो विधायक दल की बैठक में पहना साफा
पायलट ने बताया कि राजस्थानी संस्कृति का प्रतीक साफा पहनना उन्हें बहुत पसंद हैं. लेकिन 2014 में पार्टी की हार के बाद उन्होंने फैसला लिया कि वो कांग्रेस की सरकार बनने तक साफा नहीं पहनेंगे. पायलट ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान काफी लोगों ने उन्हें तोहफे के रूप में साफा दिया. लेकिन उन्होंने उसे नहीं पहना, बल्कि माथे से लगाकर रख दिया. विधानसभा जीत के बाद होटल क्लार्क्स में आयोजित विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट को साफा पहनाया गया, जिसे उन्होंने दिल से स्वीकार करके पहना.

डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रदेश के नए मुख्यमंत्री?

कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर लगाए जा रहे कयासों में राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत का नाम आगे आया है. गहलोत को राहुल गांधी की जगह पर पार्टी का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है. ऐसे में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे. लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद प्रदेश सरकार और संगठन में शुरू से बदलाव की चर्चा है और खुद पायलट इसे लेकर फैसला राहुल गांधी पर छोड़ देने की बात कह चुके हैं. अब गहलोत के दिल्ली जाने पर प्रदेश का जिम्मा पायलट के खाते ही आने की संभावना है.

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First published: June 20, 2019, 10:21 AM IST
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