बीजेपी नेताओं ने बैंक कर्मचारियों से मिलकर कालेधन को सफेद कियाः कांग्रेस

राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट. फोटो-(ईटीवी)
राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट. फोटो-(ईटीवी)

मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का आक्रोश बरकरार है. नोटबंदी के 60 दिन बाद भी पार्टी ने इस मुददे पर आक्रामक रूख कायम रखा.

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मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का आक्रोश बरकरार है. नोटबंदी के 60 दिन बाद भी पार्टी ने इस मुददे पर आक्रामक रूख कायम रखा.

पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शनिवार जिला मुख्यालयों पर जमा हुए और मोदी सरकार पर जमकर तंज कसे गए. साथ ही नोटबंदी के जरिए आम आदमी को परेशान करने के आरोप लगाए गए.

जयपुर में सिविल लाइंस फाटक पर सचिन पायलट और रोहतक सांसद दीपेन्द्र हुडडा ने प्रधानमंत्री से इस मुददे पर सफाई मांगी. साथ ही जनता का दर्द बयां कर लोगों की हमदर्दी हासिल करने की भी कोशिशें हुईं.



इस दौरान का कहना है कि देश की जनता किसी न किसी रूप में नोटबंदी से प्रभावित हुई है. नोटबंदी के दौरान देश में जमकर भ्रष्टाचार हुआ और रसूख के दम पर बीजेपी नेताओं ने बैंक कर्मचारियों से मिलकर काले धन को सफेद किया. साथ ही पीएम मोदी पर सहारा एवं बिरला घरानों से रकम लेने के आरोप लगाया.
कांग्रेस ने उन लोगों के लिए मुआवजा मांग कि मांग की जिनकी मौत बैंकों के सामने कतार में लगने के दौरान हुई. साथ ही बीपीएल महिलाओं के खाते में पच्चीस-पच्चीस हजार रूपए डलवाने की मोदी सरकार से मांग की. वहीं उसने कांग्रेस नोटबंदी को आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया.

आपको बता दें कि मनरेगा मजदूरों के लिए पार्टी अतिरिक्त रोजगार का नारा बुलंद कर रही है. छोटे दुकानदारों को इनकम टैक्स और सेल्स टैक्स में छूट देने की भी मांग वो जोर शोर से कर रही है. ये वो वर्ग है जो मोदी लहर में कांग्रेस से दूर जा चुका था इसलिए अब नेता नोटबंदी को जनता के सामने कभी न भूल पाने वाले डरावने सपने की तरह पेश कर रहे हैं.

इस बात की कोई संभावना नहीं कि मोदी सरकार कांग्रेस की मांगों को कोई तवज्जो देने वाली है, लेकिन पार्टी रोजाना के धरने प्रदर्शनों के जरिये संगठन को मजबूत करने में जरूर कामयाब हो रही है और उसे लगता है कि अच्छे कार्यकर्ता तैयार हो गए तो उसे आने वाले चुनाव में जनता का खोया विश्वास फिर हासिल करने में ज्यादा जोर नहीं आएगा.
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