राजस्थान में कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन और बेड दिलाने को बना कंट्रोल रूम, 24 घंटे करेगा काम

राज्य सरकार ने इस वर्ष पहली बार नियंत्रण कक्ष का गठन किया है. (फाइल फोटो)

राज्य सरकार ने इस वर्ष पहली बार नियंत्रण कक्ष का गठन किया है. (फाइल फोटो)

Corona Control Room News: राज्य सरकार ने राजस्थान में कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए पिछले साल भी नियंत्रण कक्ष गठन किया था, जिसमें आईएएस, आईपीएस और RAS अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी.

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जयपुर. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड (Oxygen And Bed) की उपलब्धता कराने के लिए राज्य स्तरीय कोविड-19 नियंत्रण कक्ष (गृह) का गठन किया है. नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम करेगा. डीआईजी पुलिस और  सीआईडी सीबी जयनारायण को नियंत्रण कक्ष का समन्वय प्रभारी बनाया गया हैं. गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. नियंत्रण कक्ष सूचना एवं प्रौद्योगिकी संचार विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल, भूतल, आईटी बिल्डिंग, सी-स्कीम तिलक मार्ग (Tilak Marg) में कार्यरत रहेगा.

इस नियंत्रण कक्ष के ये कार्य रहेंगे

कोविड-19 से संबंधित गतिविधियों के लिए जिला वार रूम व अन्य विभागों से समन्वय करेगा. वार रूम की दैनिक रिपोर्ट्स का अपडेट, अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता विभागों से समन्वय कर सुनिश्चित करवाना, कोविड-19 बेड की उपलब्धता अस्पतालों से समन्वय कर सुनिश्चित करवाना आदि है.

इन अफसरों की लगाई गई ड्यूटी
नियंत्रण कक्ष में 20 अधिकारी लगाए गए हैं. सभी अधिकारी  ips, ras,  rps स्तर के अधिकारी हैं. रिपोर्ट प्रमुख शासन सचिव मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करेंगे. साथ में मुख्य सचिव गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव को भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. जयनारायण, मीनाक्षी मीणा, अलका विश्नोई, चेतराम सेवदा, रामेश्वर प्रसाद, अंशुमान भोमिया, हरिताभ कुमार आदित्य, करतार सिंह, शिव लाल बेरवा, सुरेंद्र सिंह सागर, डॉक्टर रवि, सोमदत्त दीक्षित ,मोहन सिंह, विजय पाल सिंह, अश्वनी अत्रे, सत्येंद्र सिंह ,सुरेंद्र यादव ,आकाश रंजन, गोविंद देथा रामअवतार सोनी को लगाया गया है.

गत वर्ष भी किया गया था नियंत्रण कक्ष का गठन

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए नियंत्रण कक्ष गठन किया था, जिसमें आईएएस, आईपीएस और RAS अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी. नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम करता था. जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए. राज्य सरकार ने इस वर्ष पहली बार नियंत्रण कक्ष का गठन किया है.
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