Rajasthan Crisis : कांग्रेस-बीजेपी दोनों के लिए परेशानी बन सकता है राजे गुट
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Rajasthan Crisis : कांग्रेस-बीजेपी दोनों के लिए परेशानी बन सकता है राजे गुट
राजस्थान की पूर्व CM वसुंधरा राजे ने दिल्ली में जेपी नड्डा से मुलाकात की. (फाइल फोटो)

बड़ा दबाव राजे गुट का बीजेपी के सचिन पायलट के समर्थन को लेकर है. राजे गुट के एक सीनियर विधायक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को ये साफ करना चाहिए कि क्या पार्टी सचिन पायलट का समर्थन कर रही है.

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  • Last Updated: August 8, 2020, 10:56 PM IST
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जयपुर. वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) गुट फिलहाल वेट एंड वाच की स्थिति में है. लेकिन राजे गुट के कुछ विधायकों ने गोपनीय बैठकें शुरू कर दी हैं. सूत्रों के मुताबिक राजे गुट के तीन सीनियर विधायकों ने जयपुर (Jaipur) में एक बैठक कर 14 अगस्त की अपनी रणनीति पर विचार किया. सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा राजे गुट के विधायक बीजेपी पर दबाब बना रहे हैं कि रणनीति साफ करे कि पार्टी की लाइन क्या होगी. क्या सचिन पायलट (Sachin Pilot) की मदद से विधानसभा (Assembly) में बहुमत परीक्षण (Majority test) के दौरान गहलोत सरकार (Gehlot Government) गिराकर बीजेपी (BJP) सरकार का दावा पेश करना चाहती है. अगर ऐसा है तो किसके नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनाना चाहती है.

बीजेपी पर राजे गुट का दबाव

लेकिन इससे भी बड़ा दबाव राजे गुट का बीजेपी के सचिन पायलट के समर्थन को लेकर है. राजे गुट के एक सीनियर विधायक ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को ये साफ करना चाहिए कि क्या पार्टी सचिन पायलट का समर्थन कर रही है. क्या पायलट का साथ देकर बीजेपी सरकार गिराना चाहती है. राजे समर्थक दो विधायकों ने बीजेपी अध्यक्ष को एक पत्र भी लिखा है. जिसमें राजे की उपेक्षा का भी जिक्र किया.



बीजेपी के फैसले पर नजर
वसुंधरा राजे के करीबी माने जा रहे एक नेता के मुताबिक, अभी इंतजार इस बात का है कि बीजेपी फैसला क्या कर रही है. पायलट को अगर समर्थन देने का फैसला करती है तब विचार करेंगे कि क्या करना है.
बीजेपी के इस नेता ने कहा कि 14 तारीख को सत्र शुरू होने के बाद जब बीजेपी अपनी रणनीति का खुलासा कर देगी. तब तय करेंगे कि उन्हें क्या करना है.

नड्डा से मिलीं वसुंधरा

शुक्रवार को ही वसुंधरा राजे भी दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलीं और पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा. राजे इस बात से नाराज हैं कि उन्हें बार-बार पार्टी के अंदर कुछ लोग गहलोत की नजदीकी बताकर छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. राजे पूरे घटनाक्रम पर एक महीने से चुप हैं. एक महीने तक वे धौलपुर के अपने महल में रहीं. बीजेपी अभी भी एक ही लाइन ले रही है कि विधानसभा का सत्र शुरू होने के बाद हालात देख कर रणनीति का फैसला करेंगे कि क्या करना है. राजे गुट के विधायक पार्टी की रणनीति का खुलासा नहीं करने से ही परेशान है. गहलोत सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप खाचरियावास ने बीजेपी पर तंज कसा कि बीजेपी वसुंधरा राजे के डर से बाड़बंदी कर रही है. वे अपने घर को ठीक कर लें कांग्रेस की ओर देखने से पहले.

क्या है वसुंधरा राजे की ताकत

बीजेपी के 72 में 41 विधायक ऐसे हैं जिन्हें राजे का समर्थक माना जाता है. इन 41 विधायकों को विधानसभा चुनाव में टिकट राजे ने ही दिया था. इनमें भी 30 विधायक राजे के नजदीकी माने जाते है. हालांकि 12 विधायक ऐसे हैं जिन्हें राजे का कट्टर समर्थक माना जाता है. बीजेपी की नजर इन 12 विधायकों पर खास तौर पर है.
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