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सरकार के इस फैसले को मंत्री, उप मुख्यमंत्री तक ने बताया गलत, पढ़ें- सचिन पायलट का बड़ा बयान

Goverdhan Chaudhary | News18 Rajasthan
Updated: October 18, 2019, 7:24 PM IST
सरकार के इस फैसले को मंत्री, उप मुख्यमंत्री तक ने बताया गलत, पढ़ें- सचिन पायलट का बड़ा बयान
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (दाएं) ने मेयर चुनाव के फैसले को गलत बताया है. (File photo of Ashok Gehlot (left) and Sachin Pilot. (PTI)

अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) को निकाय चुनाव (local body election in rajasthan 2019) में मेयर या सभापति के चुनाव की नई व्यवस्था पर अपनों से ही खिलाफत झेलनी पड़ रही है. अब उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Deputy Chief Minister Sachin Pilot) ने इस फैसले को गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि यह फैसला बदलना चाहिए.

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जयपुर. निकाय चुनाव (local body election in rajasthan 2019) में मेयर या सभापति के चुनाव के लिए राजस्थान में कथित हाइब्रीड व्यवस्था लागू करने वाली प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) को अब अपनों से ही खिलाफत झेलनी पड़ रही है. इस नई व्यवस्था के तहत अब पार्षद का चुनाव नहीं लड़ने वाले व्यक्ति और हारे हुआ प्रत्याशी को भी मेयर-सभापति बनने की छूट दी गई है. सरकार के इस निर्णय पर अब उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Deputy Chief Minister Sachin Pilot) की भी खिलाफत सामने आई है, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी फिर चर्चा का विषय बनी है. मेयर चुनाव पर अपनी ही सरकार के फैसले को डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि यह फैसला बदलना चाहिए. इधर, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के इस फैसले को सही ठहराते हुए सरकार में ही इसके विरोध के बाद भी निर्णय नहीं बदलने की बात कही है. इससे पहले गुरुवार को परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा (Ramesh Meena) ने निकाय प्रमुखों के चुनाव के इस तरीके को गलत बताया था. उधर, बीजेपी नेता इस मसले पर गहलोत और पायलट गुटों में कांग्रेस के दो फाड़ होने की बात कह रहे हैं.
सचिन पायलट ने कहा, कैबिनेट में इसकी चर्चा नहीं हुई, यह फैसला बदलना चाहिए 
प्रदेश के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते गैर पार्षदों को निकाय प्रमुख बनाने के फैसले का विरोध किया. पायलट ने कहा, गैर पार्षदों को  निकाय प्रमुख बनाना गलत है.  जो नया निर्णय आया है वह निर्णय मंत्रालय ने लिया है, कैबिनेट में इसकी चर्चा नहीं हुई है. इसे हाइब्रीड नाम दिया जा रहा है, वह गलत है. इससे बैकडोर एंट्री बढ़ेगी. इस निर्णय से मैं सहमत नहीं हूं, संगठन को इस निर्णय की जानकारी नहीं दी गई. इस निर्णय की चर्चा न विधायक दल में हुई है न संगठन में हुई है, यह फैसला बदलना चाहिए.
पायलट के समर्थन में आए मंत्री मास्टर भंवर लाल

गैर पार्षदों को निकाय प्रमुख बनाने का कांग्रेस में विरोध बढ़ता जा रहा है. डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बयान का मास्टर भंवरलाल ने समर्थन किया है. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल ने इस नई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अप्रत्यक्ष तरीके से निकाय प्रमुख चुने जाने तक तो ठीक था, लेकिन गैर पार्षद का निकाय प्रमुख बनाने का फैसला पूरी तरह गलत है. इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. यूडीएच मंत्री ने ऐसा फैसला क्यों किया? यह समझ से परे है. इसका मैसेज गलत जाएगा.
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First published: October 18, 2019, 6:27 PM IST
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