...तो मार्च के बाद फिर हड़ताल कर सकते हैं डॉक्टर!

राज्य सरकार को मार्च तक डॉक्टरों के साथ हुए समझौतों को लागू करना है.
राज्य सरकार को मार्च तक डॉक्टरों के साथ हुए समझौतों को लागू करना है.

राज्य सरकार को मार्च तक डॉक्टरों के साथ हुए समझौतों को लागू करना है.

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राजस्थान के सरकारी डॉक्टर मार्च के बाद फिर से हड़ताल पर जा सकते हैं. दरअसल, राज्य सरकार को मार्च तक डॉक्टरों के साथ हुए समझौतों को लागू करना है और ऐसा नहीं करने पर डॉक्टर फिर से हड़ताल का रास्ता अपना सकते है. डॉक्टरों की मांगों, सरकारी समझौते और हड़ताल की मजबूरी जैसी परेशानी सोमवार को हाईकोर्ट में बहस के दौरान सामने आईं. राजस्थान के सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सनुवाई हुई. अधिवक्ता अभिनव शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 मार्च को सुनवाई की अगली तारीख दी है.

याचिकाकर्ता अभिनव शर्मा ने अदालत से कहा कि याचिका को सारहीन नहीं माना जाए. क्योंकि सरकार को मार्च तक समझौते की पालना करनी है. ऐसे में पालना नहीं होने पर चिकित्सक फिर से हड़ताल कर सकते हैं. एजी एनएम लोढ़ा ने भी इस पर सहमति जताई.

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सेवारत चिकित्सकों और रेजीडेंट डॉक्टर्स ने पिछले वर्ष दिसंबर में 12 दिन हड़ताल जारी रखी थी. 27 दिसंबर को करीब सात घंटे चली मैराथन बैठक के बाद चिकित्सकों हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की. चिकित्सकों की जो प्रमुख चार मांगे थीं उनमें प्रमुख मांग तबादले निरस्त करने की थी, उसे सरकार ने आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए चिकित्सकों को उनकी पसंद के अन्य स्थानों पर लगा दिया, जिससे इस मध्यम मार्ग के जरिए प्रशासनिक लॉबी भी नाराज न हो और चिकित्सक भी खुश हो जाएं. प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी को अब सीकर सीएमएचओ का पद दे दिया और उनका करौली हिण्डौन का तबादला निरस्त कर दिया.
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