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Analysis: अशोक गहलोत या सचिन पायलट, राजस्‍थान में किस पर भरोसा जताएंगे राहुल गांधी

(Photo:Twitter)
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राहुल गांधी राजस्थान में नेतृत्व को लेकर भारी उलझन में है. कई सर्वे में अशोक गहलोत को लोकप्रिय बताया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2018, 11:57 PM IST
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजस्थान में पार्टी के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर फंसे हुए नजर आ रहे हैं. वे इस फेर में फंस गए हैं कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों में किसके कंधे पर हाथ रखे और किसके पर नहीं. राजस्थान में कांग्रेस अगर सत्ता में आई तो सीएम कौन होगा, यह सवाल जनता के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी है.

सीकर में रैली में राहुल गांधी ने कहा कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट अब दोनों साथ-साथ है. दोनों से समान रिश्ता दिखाने के लिए उन्‍होंने सचिन पायलट के साथ कार में दूसरी बार बैठने का रिस्क नहीं लिया. सीकर में रैली के बाद सचिन पायलट कार खुद चलाकर राहुल गांधी को ले जाना चाहते थे. लेकिन राहुल गांधी ने सचिन के साथ बैठने के बजाय एसपीजी सुरक्षा की अपनी कार में ही बैठे. हालांकि पहले दिन वे सचिन के साथ कार में बैठे थे.

इससे पहले राहुल गांधी ने रैली में जनता और कांग्रेस को बताया कि दोनों में दोस्ती हो गई. दरअसल राहुल गांधी ने दोनों में दोस्ती का दावा एक तस्वीर से किया. बुधवार को झालावाड़ से कोटा रोड शो के दौरान बस में सचिन पायलट और अशोक गहलोत एक साथ एक ही सीट पर बैठे थे. वहीं राहुल गांधी बगल की सीट पर बैठे थे. यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है.



कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सुलह के लिए यह राहुल गांधी का प्लान था. फिर तस्वीर भी खिंची और वायरल कराई गई. राहुल गांधी ने बाद में सीकर रैली में इस घटना का भी जिक्र किया. उन्‍होंने कहा, 'पायलट जी और अशोक गहलोत जी बस में साथ बैठे. एक ही कुर्सी पर. इससे पहले आपने वह तस्वीर देखी होगी जब एक बाइक पर दोनों साथ बैठे थे.'
एक महीने पहले करौली की एक रैली में अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ बाइक पर पहुंचे थे. बाइक सचिन पायलट चला रहे थे और गहलोत पीछे बैठे थे. राहुल गांधी ने झालावाड़ में अपनी रैली व रोड शो के दौरान प्रयास किया कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों को बराबर तरजीह मिले व दोनों में एकता दिखे. इसी वजह से रोड शो के दौरान उन्‍होंने अशोक गहलोत की अगुवाई वाली पिछली सरकार की तारीफ की. मुफ्त दवा योजना की याद दिलाई.

दरअसल राहुल गांधी के नौ अक्टूबर को धौलपुर से दौसा तक के रोड शो के दौरान एक रैली में दिए भाषण और तस्वीरों में पायलट से नजदीकी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मैसेज जा रहा था कि राहुल पायलट को आगे करना चाहते हैं.

राहुल गांधी राजस्थान में नेतृत्व को लेकर भारी उलझन में है. कई सर्वे में अशोक गहलोत को लोकप्रिय बताया गया. लेकिन साढ़े चार साल से राजस्थान में कांग्रेस को फिर से जिंदा करने का काम सचिन पायलट ने किया. वह भी तब जब राजस्थान में कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई थी.


वहीं बीजेपी ने पायलट की कार में राहुल गांधी के नहीं बैठने पर कांग्रेस पर हमला बोला. सामाजिक न्‍याय व अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि सचिन के साथ कार में नहीं बैठने से सब समझ रहे कि कांग्रेस में क्या चल रहा है.
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