राजस्थान : जीवनरक्षक उपाय नहीं मुहैया करा पाने पर भावी पीढ़ियां नहीं करेंगी हमें माफ - सचिन पायलट

जनता के लिए जीवनरक्षक उपाय की कमी देख चिंतित हुए सचिन पायलट. (File)

जनता के लिए जीवनरक्षक उपाय की कमी देख चिंतित हुए सचिन पायलट. (File)

सचिन पायलट ने कहा कि इस समय जब देश में रोजाना 3 लाख से अधिक कोविड पॉजिटिव के केस सामने आ रहे हैं, तो सभी को प्रमुख रूप से जीवन बचाने पर ही ध्यान देना होगा.

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  • Last Updated: April 22, 2021, 11:59 PM IST
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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कोविड-19 (covid-19) के बढ़ते प्रकोप के समय में वैक्सीन (Vaccine), ऑक्सीजन (Oxygen) और रेमडेसिविर (Remdesivir) के प्रबंधन को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि इस समय जब देश में रोजाना 3 लाख से अधिक कोविड पॉजिटिव (Covid positive) के केस सामने आ रहे हैं, तो सभी को प्रमुख रूप से जीवन बचाने पर ही ध्यान देना होगा. राजनीति और चुनाव तो आते-जाते रहेंगे. लेकिन समय पर जनता को वैक्सीन नहीं लगी और सभी जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन और रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवा नहीं मिली, तो भविष्य की पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी.

'वन नेशन, वन वैक्सीन, वन रेट' आज की बड़ी जरूरत

पायलट ने वैक्सीन की एक डोज की चार दरों के निर्धारण पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि जिस वैक्सीन को भारत सरकार दो निर्माताओं से 157 रुपये की दर से खरीद रही है, उसी वैक्सीन की 6 करोड़ डोज पीएम केअर फंड के माध्यम से एक निर्माता से 210 रुपये और दूसरे निर्माता से 1 करोड़ डोज 310 रुपये प्रति वैक्सीन खरीदी गई है. पायलट ने कहा है कि एक ही वैक्सीन के तीन दाम तय करके भारत सरकार ने भविष्य के लिए जनता को भारी कठिनाई में डाल दिया है. यह बहुत ही विचित्र निर्णय है कि एक ही वैक्सीन भारत सरकार को 150 रुपये में, राज्य सरकारों को 400 रुपये में और निजी अस्पतालों को 600 रु में सप्लाई की जाएगी. 'वन नेशन, वन वैक्सीन, वन रेट' आज की सबसे बड़ी जरूरत है. जिससे वैक्सीन की जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण हो सके.

वैक्सीन का खर्च केंद्र उठाए

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