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सांभर में मौत के 'कीटाणु' ने राेकी नमक सप्लाई! 1000 इकाइयों पर लगी पाबंदी

सांभर में मौत के 'कीटाणु' ने राेकी नमक सप्लाई! 1000 इकाइयों पर लगी पाबंदी

करीब 1000 नमक उत्पादक इकाईयों से नमक सप्लाई पर रोक लगाई गई है.

करीब 1000 नमक उत्पादक इकाईयों से नमक सप्लाई पर रोक लगाई गई है.

साल्ट कमिश्नर पीयूष दास के अनुसार नमक की जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट नहीं आने तक सांभर की नमक उत्पादक इकाइयों से नमक सप्लाई पर रोक लगाई गई है.

    जयपुर. सांभर झील (Sambhar Lake) और इसके भराव क्षेत्र में 18 हजार से अधिक पक्षियों की मौत (Mass Bird Deaths) के कारण की पुष्टि के साथ ही यहां की विशाल नमक इंडस्ट्री (Salt Industry) को भी जोर का झटका लगा है. पक्षियों की मौत के पीछे एवियन बोटूलिज्म (Avian Botulism) कीटाणु के पाए जाने के बाद सांभर से नमक सप्लाई पर रोक लगा दी गई है. लवण आयुक्तालय (Salt Commissioner) ने गुरुवार को सांभर झील से एक रिपोर्ट तैयार करवाई जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भेजा जाएगा. इस बीच आयुक्तालय ने सांभर और इसके आसपास की छोटी-बड़ी करीब 1000 नमक उत्पादक इकाईयों से नमक सप्लाई पर रोक लगा दी है. बता दें कि देश में 70 प्रतिशत नमक का उत्पादन गुजरात में होता है लेकिन शेष 30 प्रतिशत नमक उत्पादन में एक बड़ा हिस्सा सांभर का है. यहां सालाना करीब 25-30 लाख टन नमक उत्पादन होता है और देश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता है.

    जांच रिपोर्ट आने तक पाबंदी, सीएम खुद कर रहे मॉनिटरिंग
    साल्ट कमिश्नर पीयूष दास के अनुसार नमक की जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट नहीं आने तक सांभर की नमक उत्पादक इकाइयों से नमक सप्लाई पर रोक लगाई गई है. उधर, प्रदेश के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली की रिपोर्ट में पक्षियों की मौत की वजह वाले रोग की पुष्टि हो चुकी है. अब तक पशुपालन विभाग द्वारा पक्षियाें की असामयिक मृत्यु के नियंत्रण के लिए उठाये जा रहे कदमों काे सही बताया गया है और खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

    पक्षियों की मौत का सरकारी आंकड़ा 18,000 पार
    देश में प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) इतनी बड़ी तादाद में मौत का सिलसिला सांभर झील में अब भी जारी है. सांभर झील में पक्षियों की मौत का सरकारी आंकड़ा बुधवार तक 18 हजार को पार कर चुका था.

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